न्यूज स्कूप : आज के समय में भारत के महानगरों (टियर-1 शहरों) के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं। लोग अपनी जीवन भर की कमाई लगाकर एक घर खरीद रहे हैं, जहाँ प्रॉपर्टी की कीमतें करोड़ों रुपए तक पहुंच गई हैं। ऐसे में, घर, दुकान या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है, जिससे आपको भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी या कानूनी पचड़े का सामना न करना पड़े।
रियल एस्टेट मार्केट में मुख्य रूप से दो तरह की प्रॉपर्टी होती है: अंडर कंस्ट्रक्शन और रेडी टू मूव प्रॉपर्टी। रेडी टू मूव प्रॉपर्टी में घर पूरी तरह से तैयार होते हैं और आप खरीदने के तुरंत बाद नए घर में शिफ्ट हो सकते हैं। बहुत से लोग तुरंत रहने के लिए यह विकल्प चुनना पसंद करते हैं। अगर आप भी रेडी टू मूव प्रॉपर्टी खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो आपको इन 4 बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए:
- महत्व: रियल एस्टेट जानकारों के अनुसार, घर जितने पुराने होते हैं, उनकी कीमत नए प्रॉपर्टी की तुलना में कम हो सकती है, और उनकी संरचनात्मक मजबूती भी कम हो सकती है।
- जांच विधि: प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसकी उम्र (कितनी पुरानी है) के बारे में जरूर जानकारी लेनी चाहिए। इसके लिए आप स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जांच करा सकते हैं। साथ ही, आस-पास के लोगों और प्रॉपर्टी डीलर से बात करके पुख्ता जानकारी लेनी चाहिए।
- धोखाधड़ी से बचाव: रियल एस्टेट मार्केट में अक्सर लोग धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आपको प्रॉपर्टी के वास्तविक और कानूनी मालिकाना हक (Ownership Title) की जानकारी लेनी चाहिए।
- जांच विधि: इसके लिए, प्रॉपर्टी के पेपर लेकर स्थानीय राजस्व कार्यालय (Revenue Office) जाकर आप इस बात की जानकारी ले सकते हैं कि यह घर किसके नाम पर रजिस्टर्ड है, और इस पर कोई कानूनी विवाद या कर्ज तो नहीं है।
- दैनिक जीवन का आधार: घर खरीदने से पहले उस इलाके की बुनियादी सुविधाओं की जांच जरूर करें। यदि आपके घर के आसपास जीवनयापन के लिए आवश्यक सुविधाएं नहीं होंगी, तो आपको रोजमर्रा की जिंदगी में दिक्कतें आ सकती हैं।
- क्या जांचें: बिजली और पानी की स्थिति कैसी है और उनकी सप्लाई नियमित मिलती है या नहीं, इन बातों का पता लगाएं।
- सुविधाजनक जीवन: एक आदर्श घर वह होता है जहाँ से जरूरी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों।
- क्या देखें: यह सुनिश्चित करें कि आसपास मार्केट, स्कूल और अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाएं मौजूद हों। इससे परिवार के किसी भी सदस्य को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े और उनकी जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें।
