न्यूज़ स्कूप: राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर गुरुवार दोपहर बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सर्वर में आई एक बड़ी तकनीकी खराबी के कारण परिचालन (Operations) बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस गड़बड़ी के चलते, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों सहित 25 से अधिक विमान टेकऑफ के लिए उड़ान भरने के इंतजार में खड़े हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीकी समस्या दोपहर के बाद शुरू हुई। सभी प्रमुख एयरलाइंस के विमान इससे प्रभावित हुए हैं। एक घंटे से अधिक समय से उड़ानें रुकी हुई हैं और एयरपोर्ट पर लगातार सुधार की कोशिशें जारी हैं।
उड़ानों में अनिश्चितकालीन देरी
इंडिगो (Indigo) एयरलाइंस के विमानों में लगातार इस समस्या के संबंध में घोषणाएँ की जा रही हैं। यात्रियों को बताया जा रहा है कि देरी का कारण एटीसी सर्वर में आई तकनीकी समस्या है। हालांकि, अधिकारी अभी तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए हैं कि आगे कितनी और देरी होगी और विमान कब तक उड़ान भर सकेंगे। इस अनिश्चितता ने एयरपोर्ट पर तनाव का माहौल बना दिया है।
ATC सर्वर में खराबी के कारण न केवल टेकऑफ प्रभावित हुआ है, बल्कि चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया में भी बाधा आ सकती है। 25 से अधिक उड़ानों के एक साथ प्रभावित होने के कारण, आने वाले घंटों में एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) क्यों है महत्वपूर्ण?
एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) किसी भी हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र का तंत्रिका केंद्र होता है।
कार्यप्रणाली: एटीसी एयर ट्रैफिक को संचालित करता है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य विमानों को हवा में और ज़मीन पर एक-दूसरे से टकराने से बचाना है।
प्रबंधन: यह उड़ान मार्गों को नियंत्रित करता है और हवाई अड्डे पर विमानों के सुरक्षित टेकऑफ और लैंडिंग को सुनिश्चित करता है।
तकनीक: एटीसी अधिकारी रडार, रेडियो और कंप्यूटर सिस्टम की मदद से विमानों को महत्वपूर्ण निर्देश देते हैं और पायलटों से लगातार संपर्क में रहते हैं। एटीसी सर्वर में गड़बड़ी होने का अर्थ है कि विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और समन्वय बाधित हो जाता है।
पिछली घटना से सबक नहीं
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी के कारण परिचालन ठप हुआ है। पिछले दिनों, एयर इंडिया का सर्वर डाउन होने से भी यात्रियों को भारी परेशानी हुई थी। वह समस्या भी लगभग एक घंटे तक चली थी, जिसके कारण चेक-इन काउंटर पर लंबी कतारें लग गई थीं और एयर इंडिया को मैनुअल चेक-इन प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी थी।
बार-बार हो रही ऐसी तकनीकी गड़बड़ियों ने एयरपोर्ट पर डिजिटल प्रणालियों की विश्वसनीयता और बैकअप सिस्टम की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों को जल्द ही इस समस्या को सुलझाने के लिए एक मजबूत तकनीकी समाधान पेश करना होगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा प्रभावित न हो।
फिलहाल, सभी प्रभावित यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी संबंधित एयरलाइनों से संपर्क बनाए रखें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपने चेक-इन समय की पुनः पुष्टि करें।

