न्यूज स्कूप: रसोई की सबसे आकर्षक और सेहतमंद सब्जियों में से एक, शिमला मिर्च (Capsicum) तीन खूबसूरत रंगों हरी, पीली और लाल में उपलब्ध होती है। जहाँ कई लोग इन्हें अलग-अलग सब्जियाँ समझते हैं, वहीं असलियत यह है कि ये तीनों मिर्चें एक ही पौधे की अलग-अलग पकने की अवस्थाएँ होती हैं। हरी शिमला मिर्च सबसे कच्ची होती है, पीली मध्यम रूप से पकी हुई और लाल शिमला मिर्च पूरी तरह से पकी हुई होती है।
दिलचस्प बात यह है कि जैसे-जैसे शिमला मिर्च पकती जाती है, वैसे-वैसे उसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा भी बढ़ती जाती है। पकने के साथ इसका स्वाद भी हल्के तीखेपन से हटकर मीठेपन की ओर जाने लगता है। इन तीनों में न केवल स्वाद, बल्कि पोषक तत्वों (Nutritional Value) का भी महत्वपूर्ण अंतर होता है, जिसके बारे में जानना आपके लिए ज़रूरी है।
1. हरी शिमला मिर्च: फाइबर का पावरहाउस
हरी शिमला मिर्च अपने कच्चेपन के कारण पोषक तत्वों से भरपूर होती है। हेल्थलाइन के अनुसार, इसमें विटामिन सी, विटामिन के, फोलेट और फाइबर काफी अच्छी मात्रा में पाया जाता है।
मुख्य लाभ: गट हेल्थ (आंतों का स्वास्थ्य) के लिए अत्यंत फायदेमंद मानी जाती है। लगभग 150 ग्राम कच्ची हरी शिमला मिर्च में 2.5 ग्राम फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक है।
अन्य फायदे: इसका नियमित सेवन करने से हार्ट हेल्थ बेहतर होती है, आँखों के लिए लाभदायक है और यह वजन को नियंत्रित करने में भी मददगार है।
2. पीली शिमला मिर्च: इम्यूनिटी बूस्टर
पीली शिमला मिर्च, हरी की तुलना में थोड़ी पकी हुई होती है और स्वाद में हल्की मिठास लिए होती है। इसके पोषक तत्वों की बात करें तो, इसमें विटामिन सी, विटामिन ए, बीटा कैरोटीन और कई एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।
विटामिन सी की अधिकता: एक पीली शिमला मिर्च में करीब 126 से 159 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन सी की यह उच्च मात्रा इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करती है।
अन्य फायदे: यह आँखों के लिए फायदेमंद है और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मददगार है। इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाने में भी सहयोग करता है।
3. लाल शिमला मिर्च: लाइकोपीन और एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार
लाल शिमला मिर्च पूरी तरह से पकी हुई अवस्था होती है और स्वाद में सबसे मीठी होती है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैशियम और लाइकोपीन जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
लाइकोपीन की प्रचुरता: लाल शिमला मिर्च में लाइकोपीन (Lycopene) पाया जाता है, जो एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। लाइकोपीन विशेष रूप से हार्ट और स्किन हेल्थ के लिए सबसे ज़्यादा फायदेमंद माना जाता है।
सर्वाधिक विटामिन: इसमें सभी रंगों की तुलना में सबसे ज़्यादा विटामिन सी और लाइकोपीन पाया जाता है। इसका सेवन आँखों की हेल्थ को अच्छा बनाए रखने और इम्यूनिटी को मजबूत करने में काफी लाभकारी है।
निष्कर्ष: किसे चुनें?
हरी, लाल और पीली शिमला मिर्च में कुछ समान और कुछ अलग न्यूट्रिशन वैल्यू होती है। लाल शिमला मिर्च में जहाँ लाइकोपीन सबसे ज़्यादा होता है, वहीं पीली शिमला मिर्च विटामिन सी की मात्रा में सबसे आगे होती है। हरी शिमला मिर्च पोषक तत्वों में थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन फाइबर और विटामिन के का अच्छा स्रोत है।
किसी एक को सर्वश्रेष्ठ बताना मुश्किल है। पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे सही तरीका यही है कि आप तीनों रंगों की शिमला मिर्च को अपनी डाइट में एक साथ शामिल करें, ताकि आपको हर रंग के विशेष पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स मिल सकें। तीनों को मिलाकर सलाद या सब्ज़ी बनाना आपकी डाइट को न केवल रंगीन, बल्कि पोषण से भरपूर भी बना देगा।

