न्यूज स्कूप : जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क (Terror Ecosystem) को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। कश्मीर घाटी में आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के चल रहे प्रयासों के तहत, कुलगाम जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से एक व्यापक आतंकवाद-रोधी अभियान (Anti-Terror Operation) चलाया गया है। यह कार्रवाई विशेष रूप से उन तत्वों के खिलाफ केंद्रित है जो पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (POK) के निर्देश पर काम कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों के इस कदम को घाटी में आतंकवाद को फंडिंग, लॉजिस्टिक मदद और अन्य समर्थन देने वाले नेटवर्क को तोड़ने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद, आतंकियों और उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के खिलाफ यह कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार, विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर, कुलगाम जिले के कई हिस्सों में कई घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) चलाए गए।
यह तलाशी अभियान उन संदिग्ध व्यक्तियों को ध्यान में रखकर किया गया, जिन पर निम्नलिखित गतिविधियों का संदेह था:
- आतंकवादी नेटवर्क को पैसों या रसद (Logistical) माध्यम से मदद पहुंचाना।
- सीमा पार स्थित अपने रिश्तेदारों के साथ संपर्क बनाए रखना।
इस छापेमारी के दौरान, जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के कई रिश्तेदारों और ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। इन पर आतंकवाद के समर्थन ढांचों को मजबूत करने वाली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है, जिसमें रसद सहायता प्रदान करना, आतंकी गतिविधियों की प्रचार सामग्री फैलाना और आतंकवादी संगठनों के लिए भर्ती अभियान में मदद करना शामिल है।
पुलिस टीमों ने डिजिटल उपकरणों और आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स का एक बड़ा जखीरा भी जब्त किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान ‘दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद के समर्थन ढांचों को पूरी तरह से ध्वस्त करने के चल रहे अभियान का हिस्सा है।’ उन्होंने कहा कि सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने तक ऐसे उपाय जारी रहेंगे।
इस बीच, शनिवार सुबह सुरक्षा बलों को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भी बड़ी सफलता मिली। कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में ऑपरेशन पिंपल के तहत दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद, सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को एक संयुक्त अभियान शुरू किया था, जो शनिवार को सफलता के साथ समाप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त, काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) भी जेलों के अंदर कैदियों द्वारा अवैध मोबाइल फोन या संचार के अन्य माध्यमों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कई जेलों में सघन चेकिंग अभियान चला रहा है।

