न्यूज स्कूप : शादी का सीजन शुरू होते ही सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। अगर आप भी इन दिनों ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बुधवार, 12 नवंबर को घरेलू कमोडिटी बाजार में गोल्ड और सिल्वर दोनों के भाव में मामूली उछाल दर्ज किया गया है, जो उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार डाल सकता है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार, 12 नवंबर को दिसंबर एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा ₹1,24,300 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। यह पिछले कारोबारी दिन के बंद भाव ₹1,23,913 रुपये से अधिक है, जो बाजार में मजबूत सेंटिमेंट को दर्शाता है।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बुधवार को हल्की तेजी दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में MCX पर चांदी ₹1,55,466 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी। कारोबारी दिन की शुरुआत ₹1,54,926 रुपये पर हुई थी, यानी शुरुआती घंटों में ही लगभग ₹700 की बढ़त देखने को मिली। सुबह 11:00 बजे के आसपास चांदी ₹1,55,223 रुपये प्रति किलो के भाव पर बनी रही।
गुड रिटर्न (Good Returns) के अनुसार, 12 नवंबर को देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट (शुद्ध सोना) और 22 कैरेट (ज्वेलरी मेकिंग के लिए) सोने के खुदरा भाव इस प्रकार रहे:
| शहर | 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) | 22 कैरेट (₹/10 ग्राम) |
| दिल्ली | ₹1,25,660 | ₹1,15,200 |
| मुंबई | ₹1,25,510 | ₹1,15,050 |
| चेन्नई | ₹1,26,560 | ₹1,16,000 |
| कोलकाता | ₹1,25,510 | ₹1,15,050 |
| लखनऊ | ₹1,25,660 | ₹1,15,200 |
| हैदराबाद | ₹1,25,510 | ₹1,15,050 |
पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन इसमें तेजी की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
- वैश्विक अस्थिरता और डॉलर की कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनी अस्थिरता और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट से भारत में सोने का आयात महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
- मांग में वृद्धि: शादियों और त्योहारों के मौसम में भारत में सोने की मांग बहुत बढ़ जाती है। भारत में सोना सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है, जिससे मौसमी मांग बढ़ने पर कीमतें स्वाभाविक रूप से ऊपर जाती हैं।
- सरकारी नीतियाँ: इंपोर्ट ड्यूटी और अन्य स्थानीय करों का प्रभाव भी सोने के अंतिम खुदरा मूल्य पर पड़ता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और घरेलू मांग के चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रहने की संभावना है।
अगर आप लंबे समय के लिए निवेश या शादी-विवाह की तत्काल जरूरत के लिए सोना-चांदी की खरीदारी करने की सोच रहे हैं, तो थोड़ी सावधानी बरतना आवश्यक है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाजार के ट्रेंड्स और सपोर्ट लेवल पर नज़र बनाए रखें, ताकि बेहतर मूल्य पर खरीदारी की जा सके। चूंकि कीमतें उच्च बनी हुई हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को अपनी खरीदारी का निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए।

