न्यूज स्कूप : भारत और अमेरिका के बीच राजनीतिक संबंधों में भले ही हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और टैरिफ विवाद के चलते खटास बनी हुई है, लेकिन दोनों देशों का रक्षा सहयोग लगातार पटरी पर आता दिखाई पड़ रहा है। इसी क्रम में, मालाबार युद्धाभ्यास के बीच भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी छह दिवसीय अमेरिका के दौरे पर रवाना हो रहे हैं।
उनकी इस महत्वपूर्ण यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच मजबूत और स्थायी समुद्री साझेदारी को और अधिक मजबूत करना है, जो भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है।
वरिष्ठ कमांडरों से होगी अहम मुलाकातें
नौसेना प्रमुख अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। वह इंडो-पैसिफिक कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो और यूएस पेसिफिक फ्लीट के कमांडर एडमिरल स्टीफन टी कोहलर जैसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों से भी मुलाकात करेंगे।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन विवेक मधवाल के मुताबिक, ये उच्च-स्तरीय बातचीत दोनों नौसेनाओं के बीच चल रहे समुद्री सहयोग की समीक्षा करने, परिचालन संबंधों को बढ़ाने और सूचना साझा करने एवं समुद्री क्षेत्र जागरूकता (Maritime Domain Awareness – MDA) के तंत्र को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। चर्चाओं में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा समुद्री प्राथमिकताओं, मिलान जैसे बहुपक्षीय ढांचों के अंतर्गत सहयोग और संयुक्त समुद्री बल (CMF) पहलों पर भी ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।
QUAD युद्धाभ्यास के बीच हो रहा है दौरा
एडमिरल त्रिपाठी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया (क्वाड देशों) की नौसेनाओं का साझा मालाबार युद्धाभ्यास प्रशांत महासागर के ग्वाम मिलिट्री बेस पर शुरू हो चुका है (10-18 नवंबर)। इस एक्सरसाइज में भारतीय नौसेना का जंगी जहाज INS सह्याद्री हिस्सा ले रहा है।
गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और टैरिफ वॉर के बाद से भारत और अमेरिका के संबंधों में आई दरार के चलते क्वाड देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मीटिंग नहीं हो पाई है। नौसेना प्रमुख की यह यात्रा आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित दीर्घकालिक समुद्री साझेदारी को और गहरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
ट्रंप का बयान: जल्द सुलझेगा विवाद
एक ओर जहाँ रक्षा सहयोग बढ़ रहा है, वहीं राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (11 नवंबर, 2025) को बयान दिया कि भारत के साथ टैरिफ विवाद सुलझने जा रहा है। ट्रंप ने जल्द भारत दौरे की संभावना भी जताई है। अपने बयान में उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि दौरे के बाद भारत के लोग उन्हें फिर से प्यार करने लगेंगे।
नौसेना प्रमुख की यह यात्रा एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण को मूर्त करने के लिए अमेरिकी नौसेना के साथ सहयोग को और बढ़ाने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

