न्यूज स्कूप : आज के आधुनिक युग में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का एक अभिन्न अंग बन चुका है। हम भले ही सालों से स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हों, लेकिन इसमें मौजूद कई ऐसे कमाल के फीचर्स और हार्डवेयर कंपोनेंट्स हैं जिनके बारे में हममें से कई लोगों को सही जानकारी तक नहीं होती है। ऐसा ही एक सवाल है: आखिर मोबाइल फोन कंपनियां एक के बजाय दो माइक्रोफोन क्यों देती हैं?
यह सवाल भले ही सामान्य लगे, लेकिन इसका जवाब आपके कॉलिंग अनुभव को समझने के लिए बहुत जरूरी है। दरअसल, दोनों माइक्रोफोन का काम अलग-अलग है और एक माइक्रोफोन से काम नहीं चल सकता है।
फोन में दोनों माइक्रोफोन्स को अलग-अलग जगह पर रणनीतिक रूप से स्थापित किया जाता है ताकि वे अपने काम को प्रभावी ढंग से कर सकें:
- प्राइमरी माइक्रोफोन: इसे फोन के निचले हिस्से में प्लेस किया जाता है।
- ऑक्सिलरी माइक्रोफोन (Auxiliary Microphone): यह दूसरा माइक्रोफोन फोन के ऊपरी हिस्से में दिया जाता है।
अगर एक माइक्रोफोन से काम चल सकता, तो कंपनियां दूसरा माइक्रोफोन देती ही नहीं। लेकिन एक माइक्रोफोन देने से आपका कॉलिंग एक्सपीरियंस खराब हो सकता है, इसीलिए कंपनियां एक के बजाय दो माइक्रोफोन देती हैं।
1. प्राइमरी माइक्रोफोन (Primary Microphone):
प्राइमरी माइक्रोफोन का काम बेहद सीधा है। यह माइक्रोफोन आपकी आवाज को कैप्चर करता है और उसे एन्क्रिप्ट करके दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करता है। यही वह माइक है जिसे आप अपनी बात कहने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
2. ऑक्सिलरी माइक्रोफोन (Auxiliary Microphone):
यही वह माइक्रोफोन है जो आपके कॉलिंग अनुभव को क्रांतिकारी बनाता है। जब आपकी आवाज प्राइमरी माइक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाती है, तो ऑक्सिलरी माइक्रोफोन का काम शुरू होता है।
- मुख्य काम: इस दूसरे माइक्रोफोन को इसलिए दिया जाता है ताकि कॉलिंग के दौरान आप लोगों के आसपास के शोर को कम किया जा सके।
- टेक्नोलॉजी: इस प्रक्रिया को नॉइज़ कैंसिलेशन (Noise Cancellation) कहा जाता है। ऊपरी माइक्रोफोन आसपास के शोर को सुनता है और उस शोर की पहचान करता है। इसके बाद, फोन का सॉफ्टवेयर उस शोर को मुख्य वॉयस सिग्नल से अलग कर देता है और उसे दबा देता है।
नतीजतन, जिस व्यक्ति से आप बात कर रहे होते हैं, उसे आपकी आवाज बिल्कुल साफ सुनाई देती है, भले ही आप किसी भीड़-भाड़ वाली जगह पर खड़े हों। यह टेक्नोलॉजी सुनिश्चित करती है कि कॉलिंग के दौरान केवल आपकी आवाज ही प्राथमिकता से ट्रांसमिट हो।
इस तरह, आपके फोन में दिए गए दोनों माइक्रोफोन, एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम करते हैं ताकि आपको और आपके कॉल रिसीवर दोनों को ही बेहतर और स्पष्ट कॉलिंग अनुभव मिल सके।
