17 Mar 2026, Tue
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साइबर फ्रॉड से मिलेगी बड़ी राहत: SMS में लिंक और नंबर डालना हुआ मुश्किल, अब हर मैसेज होगा पहले से रजिस्टर्ड

News Scoop

न्यूज स्कूप : हमारे फ़ोन पर हर दिन सैकड़ों मैसेज आते हैं—कभी बैंक का, कभी किसी ऐप का या किसी विशेष ऑफ़र का। लेकिन इन्हीं मैसेजों में कई बार फर्जी लिंक या धोखाधड़ी वाले नंबर भी घुस जाते हैं, जिनसे लोग बड़े पैमाने पर ठगी के शिकार बनते हैं। इन बढ़ते साइबर धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए, डिजिटल मैसेजिंग को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

नए नियम के तहत, अब कंपनियों को अपने हर SMS टेम्पलेट में मौजूद वेरिएबल फील्ड—जैसे कि लिंक, ऐप डाउनलोड URL, या कॉल बैक नंबर—को पहले से रजिस्टर कराना होगा।

आसान भाषा में यह है मतलब

इस नियम को आसान भाषा में समझें तो, SMS भेजने से पहले कंपनियों को नियामक संस्था या टेलीकॉम ऑपरेटर को यह बताना होगा कि उस मैसेज में कौन-सा लिंक या नंबर आएगा और क्यों आएगा।

दरअसल, पहले कंपनियों को मैसेज में तारीख, रकम या नाम जैसी वैरिएबल फील्ड डालने की छूट थी, जिसका फायदा ठग उठाते थे। ये ठग इसी लचीलेपन का फायदा उठाकर असली कंपनी के नाम से फर्जी लिंक डाल देते थे। ये लिंक दिखने में असली लगते थे, लेकिन क्लिक करते ही बैंक डिटेल चोरी होने, डेटा हैक होने या साइबर फ्रॉड जैसी गंभीर समस्याएं सामने आती थीं।

नए नियम से ठगों का यह खेल खत्म हो जाएगा, क्योंकि अब लिंक या नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी को बिना प्री-रजिस्ट्रेशन के मैसेज में डालना असंभव हो जाएगा।

नए नियमों से ये होगा बदलाव

नए नियम के तहत कंपनियां अब SMS टेम्पलेट बनाते समय यह बताएंगी कि मैसेज में कौन-सा लिंक आएगा और उसका उद्देश्य क्या है। यह नियम संदेशों की सुरक्षा और प्रामाणिकता सुनिश्चित करता है:

  • पुराने टेम्पलेट का अपडेट: कंपनियों को अपने पुराने सभी SMS टेम्पलेट को 60 दिनों के भीतर अपडेट करना होगा, जिसमें वैरिएबल फील्ड की डिटेल देनी होगी। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो ऐसे मैसेज भेजे ही नहीं जाएंगे।
  • तुरंत पहचान: इससे मोबाइल नेटवर्क तुरंत पहचान पाएंगे कि मैसेज में डाला गया लिंक असली है (क्योंकि वह रजिस्टर्ड है) या नहीं। यदि लिंक पंजीकृत नहीं है, तो नेटवर्क उस मैसेज को तुरंत रोक सकेंगे।
  • क्रॉस वेरिफिकेशन: अब हर लिंक और नंबर पहले से क्रॉस वेरिफाई होगा, जिससे मैसेज अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित बनेंगे।

आम लोगों को होगा बड़ा फायदा

यह व्यवस्था लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी थी, और इसके लागू होने से आम मोबाइल यूजर्स को कई बड़े फायदे होंगे:

  • फ्रॉड में कमी: फ्रॉड वाले मैसेज बड़े स्तर पर कम होंगे और फिशिंग गतिविधियों (फर्जी लिंक भेजकर डेटा चोरी करना) पर काफी हद तक नियंत्रण होगा।
  • बढ़ेगा भरोसा: बैंक, सरकारी सेवाओं या अन्य आधिकारिक संस्थाओं के मैसेज पर आम जनता का भरोसा बढ़ेगा, क्योंकि अब उनकी सत्यता सत्यापित होगी।
  • पारदर्शिता: यह नियम डिजिटल मैसेजिंग को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का मानना है कि यह फैसला मोबाइल यूजर्स के लिए राहत लेकर आएगा।

By News Scoop Desk

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