न्यूज स्कूप : दक्षिण अफ्रीका की 3 दिवसीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में ग्लोबल विकास को गति देने के लिए 6 नए और दूरदर्शी इनिशिएटिव का प्रस्ताव रखा। विकास पर आयोजित पहले सत्र में पीएम मोदी ने जोर दिया कि इन पहलों से विश्व को सर्वांगीण विकास (Holistic Development) हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत के सभ्यतागत मूल्य ही आगे बढ़ने का रास्ता बनाते हैं।
प्रधानमंत्री ने G20 देशों से सामूहिक रूप से इन पहलों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने जो 6 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पहल का प्रस्ताव रखा है, वे इस प्रकार हैं:
पीएम मोदी ने पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण और वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार की स्थापना का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य टिकाऊ जीवन के मॉडलों को प्रदर्शित करना और यह सुनिश्चित करना है कि यह ज्ञान भावी पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि भारत के समृद्ध इतिहास से हमें अपने सामूहिक ज्ञान को अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अफ्रीका का विकास वैश्विक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है और भारत हमेशा इस महाद्वीप के साथ एकजुटता से खड़ा रहा है। इस पहल के तहत अफ्रीका के लिए कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर जोर दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने एक ऐसी G20 ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पांस टीम की स्थापना का प्रस्ताव रखा, जो स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान मजबूती से काम करेगी। उन्होंने कहा:
“जब हम स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए मिलकर काम करते हैं, तो हम और भी मज़बूत होते हैं। हमारा प्रयास साथी जी-20 देशों से प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञों की टीमें तैयार करना होना चाहिए, जो किसी भी वैश्विक स्वास्थ्य संकट या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तुरंत तैनाती के लिए तैयार हों।”
नशीले पदार्थों की तस्करी की बढ़ती चुनौती और फेंटेनाइल जैसे ड्रग्स को रोकने के लिए, पीएम मोदी ने ड्रग-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए G20 पहल का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल के तहत, “हम वित्त, शासन और सुरक्षा से जुड़े कई उपाय एक साथ कर सकते हैं। तभी ड्रग-आतंकवाद की अर्थव्यवस्था को कमज़ोर किया जा सकता है।”
ओपन सेटेलाइट डेटा पार्टनरशिप का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि G20 अंतरिक्ष एजेंसियों के सैटेलाइट डेटा को विकासशील देशों को कृषि और मत्स्य पालन तथा आपदा प्रबंधन जैसी गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। यह कदम तकनीकी प्रगति का लाभ सभी को सुनिश्चित करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने शहरी खनन, सेकेंड-लाइफ बैटरी परियोजनाओं और अन्य नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज परिपत्र पहल (Critical Mineral Circulation Initiative) का भी प्रस्ताव रखा, जो टिकाऊ विकास और संसाधन प्रबंधन के लिए आवश्यक है।
ये 6 पहलें ग्लोबल साउथ की जरूरतों को पूरा करने और दुनिया के सामने आने वाली सबसे जटिल चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
