न्यूज स्कूप : रविवार (23 नवंबर) को इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष एक नए और अधिक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके दाहीये में एक बड़ा हवाई हमला कर दिया।
इजरायल का दावा है कि इस सटीक स्ट्राइक में हिज्बुल्लाह के चीफ ऑफ स्टाफ हायथम अली तबताबाई मारा गया है। हालांकि, हिज्बुल्लाह की ओर से अभी तक इस उच्च-प्रोफाइल मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हमला इतना तेज था कि धमाके के बाद लोग दहशत में इमारतों से बाहर निकलकर भागने लगे और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हमले के कारण कई गाड़ियां और इमारतें भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हमले के बाद बयान जारी करते हुए बताया कि इस हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हुई है और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बेरूत में कई महीनों बाद हुआ यह बड़ा हमला आम लोगों में जबरदस्त डर पैदा करने वाला रहा है। यह हमला गाजा और इजरायल-लेबनान सीमा पर चल रहे युद्ध के मध्य एक नए मोर्चे के खुलने का संकेत देता है।
हायथम अली तबताबाई हिज्बुल्लाह के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय व्यक्ति था।
- करीब चार दशक का अनुभव: आईडीएफ के अनुसार, तबताबाई 1980 के दशक से ही हिज्बुल्लाह के लिए काम कर रहा था।
- रेडवान फोर्स का संस्थापक: उसने हिज्बुल्लाह की खास यूनिट रेडवान फोर्स नाम की विशेष यूनिट बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिसे इजरायली सीमा पर घुसपैठ और हमले के लिए प्रशिक्षित किया गया था।
- रणनीतिक नेतृत्व: उसने सीरिया में कई ऑपरेशनों की जिम्मेदारी संभाली और पिछले साल इजरायल–लेबनान सीमा पर हुई लड़ाई का भी नेतृत्व किया था। बाद में वह हिज्बुल्लाह का चीफ ऑफ जनरल स्टाफ बना दिया गया था।
- अंतरराष्ट्रीय आतंकी: साल 2018 में अमेरिका ने उसके बारे में कोई भी जानकारी देने पर 50 लाख डॉलर (लगभग 41 करोड़ रुपये) का इनाम भी घोषित किया था।
इस बड़े हमले के बाद भू-राजनीतिक हालात भी तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इजरायल ने इस हमले की जानकारी पहले से अमेरिका को नहीं दी थी। हमले के बाद ही वॉशिंगटन को इसकी सूचना मिली। हालांकि, यह भी कहा गया कि अमेरिका को अंदाजा था कि इजरायल जल्द ही लेबनान में कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच लड़ाई पिछले साल 8 अक्टूबर से चल रही है, जिसे हिज्बुल्लाह ने गाजा में अपने सहयोगियों की मदद के लिए शुरू किया था। तबताबाई के मारे जाने के दावे के बाद अब सबकी निगाहें हिज्बुल्लाह की प्रतिक्रिया पर लगी हैं, जिससे क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका गहरा गई है।
