न्यूज स्कूप : राम मंदिर के निर्माण के बाद, अयोध्या नगरी का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य व्यापक रूप से बदल गया है। इस अभूतपूर्व बदलाव को देखकर देश ही नहीं, विदेशों से आने वाले पर्यटक भी खुलकर उत्तर प्रदेश सरकार और नेतृत्व की तारीफ कर रहे हैं। इस व्यापक विकास का सीधा प्रभाव शहर की अर्थव्यवस्था, होटल इंडस्ट्री और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दिखाई दे रहा है, जो अब रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि दर्ज कर रहे हैं।
फिलहाल, धर्म ध्वज स्थापना कार्यक्रम को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह है। पुणे से आए तीर्थयात्री शिव नारायण ने अयोध्या के विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम बताया। वहीं, स्थानीय गीतकार विकल्प त्रिवेदी के शब्दों में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि युगों बाद राम मंदिर का सपना पूरा हुआ है, और यह शहर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उल्लास में डूबा हुआ है।
अयोध्या के विकास की सबसे बड़ी उपलब्धि विदेशी पर्यटकों की प्रतिक्रिया है। रूस से आई पर्यटक ईवा ने अयोध्या को एक भव्य और सुंदर आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित होते देखा। उन्होंने यहां की सुविधाओं की खुलकर सराहना की।
ईवा ने बताया कि “अयोध्या में ठहरने और सुविधाओं की विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं हैं, शहर साफ-सुथरा है और वातावरण अत्यंत दिव्य है।” उनके अनुसार, अयोध्या में मिलने वाली सुकूनभरी अनुभूति और श्रद्धामय ऊर्जा भारतीय संस्कृति की विराट शक्ति का अनुभव कराती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक आध्यात्मिक व्यक्ति बताते हुए सराहना की कि वह भारतीय संस्कृति को जिस प्रकार से प्रमोट कर रहे हैं, वह अतुलनीय है।
अयोध्या के आर्थिक विकास में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उडुपी टू मुंबई रेस्टोरेंट के मैनेजर शैलेन्द्र कुमार अवस्थी ने बताया कि शहर में फिलहाल चार रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं और लगभग 10 नई परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कुल ₹100 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है, जिसमें से ₹70 करोड़ रुपये पहले ही लगाए जा चुके हैं। यह निवेश बताता है कि कारोबारी अयोध्या के भविष्य को लेकर कितने आशान्वित हैं। अवस्थी ने बताया कि उनके रेस्टोरेंट में प्रतिदिन 2000 से 3000 लोग भोजन के लिए आते हैं, जो विशेष अवसरों पर 5000 तक पहुंच जाती है। उनका कारोबार प्रत्येक महीने ₹5 से ₹6 करोड़ रुपये का हो रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं और पड़ोसी जिलों के लोगों को भी रोजगार का अवसर मिल रहा है।
पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से छोटे होटल और गेस्ट हाउस भी समृद्ध हुए हैं। सब्जी मंडी स्थित काका गेस्ट हाउस के मैनेजर दुर्गेश वर्मा ने बताया कि पहले उनके यहां प्रतिदिन मुश्किल से ₹3000 रुपये का कारोबार होता था, जो अब बढ़कर ₹15,000 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। अब अधिकांश दिनों में होटल फुल रहता है और विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से आय में और तेजी आई है।
रामपथ, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की निरंतर आवाजाही ने अयोध्या के वातावरण को दिनभर जीवंत बना दिया है। अयोध्या अब केवल एक धार्मिक धरोहर नहीं, बल्कि आधुनिक व्यवस्थाओं से सुसज्जित विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगर बन गया है। होटल कारोबार की वृद्धि, विदेशी पर्यटकों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाएं और लगातार फैलता हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इस बात का प्रमाण हैं कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में और मजबूत होगी।
