न्यूज स्कूप : टेलीविजन रियलिटी शो बिग बॉस 19 से चर्चा में आईं तान्या मित्तल अपने बेबाक बयानों और अनोखी सोच के कारण हमेशा सुर्खियां बटोरती रहती हैं। हाल ही में, शो के दौरान एक बड़े घटनाक्रम के चलते तान्या एक बार फिर से विवादों में घिर गई हैं। यह विवाद उनके पुराने इंटरव्यू और वर्तमान आचरण के बीच के बड़े विरोधाभास को दर्शाता है।
दरअसल, बिग बॉस 19 के एक एपिसोड के दौरान टेलीविजन की ‘क्वीन’ एकता कपूर शो में पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने तान्या मित्तल को अपने आगामी शो में काम करने का सीधा ऑफर दिया।
एकता कपूर का यह बड़ा ऑफर मिलने के बाद तान्या खुशी से झूम उठीं। उनकी प्रतिक्रिया इतनी उत्साहित थी कि उन्होंने तुरंत घरवालों के सामने ‘सास-बहू’ शोज की बहू की तरह एक्टिंग करना शुरू कर दिया, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वह एकता कपूर के प्रोजेक्ट में काम करने के लिए कितनी उत्सुक हैं।
तान्या की इस उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया के तुरंत बाद उनका एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू में तान्या ने खुद कहा था कि वह जिंदगी में किसी बड़े डायरेक्टर के संग काम नहीं करेंगी।
तान्या मित्तल ने उस इंटरव्यू के दौरान खुलकर कहा था कि सभी लोग करण जौहर और संजय लीला भंसाली जैसे बड़े डायरेक्टर के पीछे भागते हैं, लेकिन वह वैसा नहीं करेंगी। उन्होंने अपनी सोच बताते हुए कहा था, “मैं चाहती हूं एक छोटा डायरेक्टर हो जिसके साथ कोई बड़ी एक्ट्रेस ना काम करना चाहती हो, मैं उसके साथ काम करूंगी।”
तान्या ने अपनी अनूठी सोच पर जोर देते हुए कहा था कि अगर डायरेक्टर टैलेंटेड होगा, तो वह उसके साथ फ्री में काम करेंगी। उन्होंने कहा था, “मेरी सोच बहुत अलग है, मैं किसी बड़े शख्स से नहीं मिलूंगी, मुझे छोटे लोगों से मिलना है, छोटा काम करना है उसे बड़ा बनाना है।”
तान्या के ‘छोटे डायरेक्टर’ को सपोर्ट करने के इस पुराने बयान और ‘छोटे काम को बड़ा बनाने’ की विचारधारा को देखने के बाद लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें पाखंडी (Hypocrite) बता रहे हैं, क्योंकि एक तरफ तो वह बड़े नामों को ठुकराने की बात करती हैं, वहीं दूसरी तरफ टेलीविजन इंडस्ट्री की सबसे बड़ी हस्ती एकता कपूर का ऑफर मिलते ही वह खुशी से झूम उठती हैं और तुरंत ‘सास-बहू’ स्टाइल में एक्टिंग करने लगती हैं।
लोगों का कहना है कि रियलिटी शो में आने के बाद तान्या का सारा “बेबाकपन” और “अलग सोच” अचानक गायब हो गई, और वह भी बाकी संघर्षरत कलाकारों की तरह एक बड़े बैनर का हिस्सा बनने को प्राथमिकता दे रही हैं। यह विरोधाभास ही उन्हें विवादों के घेरे में ला रहा है।
