न्यूज स्कूप : आज की तेज रफ्तार से भागती जिंदगी में कंपटीशन बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में हर पेरेंट्स अपने बच्चों के करियर को लेकर काफी परेशान रहता है। अब सिर्फ किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है; आज के समय में बच्चों को पढ़ाई की जगह दूसरी एक्टिविटीज में भी हिस्सा लेने की सलाह दी जाती है। इससे बच्चा दूसरे से मिलता है और उसका क्रिएटिव लेवल बढ़ता है।
चाहे वह विज्ञान हो, आर्ट हो, खेल हो या तकनीक—हर जगह क्रिएटिव सोच रखने वाले बच्चे आगे निकलते हैं। इससे बच्चे के अंदर आत्मविश्वास (Confidence) बढ़ता है और प्रॉब्लम को सोल्व करने और किसी भी बात को संभालने की आदत भी विकसित होती है। स्कूल और सोसाइटी में होने वाली एक्टिविटी के अलावा भी, पेरेंट्स कई तरह से बच्चे के अंदर रचनात्मकता (Creative Level) को बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं उन आसान तरीकों के बारे में:
बच्चों में चीजों के बारे में जानने की स्वाभाविक जिज्ञासा होनी चाहिए, और अक्सर यही क्रिएटिविटी की नींव होती है। लेकिन अक्सर जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनके अंदर नई चीजों को सीखने और जानने की जिज्ञासा कम हो जाती है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि कई बार पेरेंट्स बच्चे को बार-बार सवाल पूछने के लिए टोकते हैं या उनके सवालों का जवाब नहीं देते हैं।
ऐसे में, पेरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के सवालों का जवाब दें। अगर आपको इसके बारे में नहीं पता है, तो उनके साथ मिलकर उसका पता लगाएं। इससे बच्चे क्रिटिकल थिंकिंग सीखते हैं और नए समाधान ढूंढ़ने की उनकी क्षमता बढ़ती है।
आजकल बच्चे मोबाइल, टीवी और टैबलेट में वीडियो देखने या गेम खेलने में इतने बिजी रहते हैं कि उनके दिमाग को खुलकर सोचने का समय नहीं मिलता और वह दूसरी तरफ अपना ध्यान भी नहीं लगाते हैं। स्क्रीन टाइम उनकी रचनात्मक ऊर्जा को सीमित कर देता है।
ऐसे में, बच्चे के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित करें। रोज़ कम से कम 1 से 2 घंटे स्क्रीन-फ्री टाइम तय करें। बाकी समय को पढ़ाई के साथ ही पेंटिंग, डांस, म्यूज़िक, गार्डनिंग या आउटडोर गेम्स में लगाएं। इससे बच्चे को नई चीजें सीखने का मौका मिलेगा और उनके रचनात्मक लेवल में बढ़ोतरी होगी।
छोटे बच्चों को खिलौनों से खेलना काफी पसंद होता है। ऐसे में उन्हें आप रचनात्मक खिलौने लाकर दे सकते हैं, जो उन्हें कुछ नया बनाने या समस्या को हल करने के लिए प्रेरित करें।
आप बच्चों को ये टूल्स दे सकते हैं:
- लेगो या बिल्डिंग ब्लॉक्स (Lego or Building Blocks)
- मिट्टी, क्ले या प्ले-डो (Clay or Play-Doh)
- पेंट, रंग, ब्रश, क्राफ्ट पेपर (Paint, Colors, Craft Paper)
- पजल और बोर्ड गेम्स (Puzzles and Board Games)
जब बच्चे इस तरह के गेम्स से कुछ बनाएंगे या फिर पजल को सोल्व करेंगे, तो इससे उनके हाथों और दिमाग के बीच समन्वय बनेगा और उनके क्रिएटिव लेवल का विकास होगा।
नया कुछ सीखने में समय लगता है और गलतियाँ होना स्वाभाविक है। ऐसे में बच्चे को डांटे नहीं, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करें। उनकी छोटी-छोटी उपलब्धियों की सराहना करें। यदि कुछ गलत हो जाए, तो उन्हें कहें कि कोई बात नहीं, फिर कोशिश करो। बच्चों की तुलना किसी और से न करें।
उन्हें रचनात्मक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करें। उदाहरण के लिए, उन्हें यह कहने के बजाय कि ‘इसे ऐसे कर सकते हो’, उनसे पूछें: “तुम्हारे हिसाब से इसे कैसे किया जा सकता है?” उनके उस टॉपिक के बारे में खुलकर बात करें। इससे बच्चे को यह महसूस होगा कि उनके विचार महत्वपूर्ण हैं और वे बेझिझक नए आइडियाज पर काम कर सकते हैं।
