न्यूज स्कूप : देश के जाने-माने व्यापारी और बहुराष्ट्रीय पान मसाला कंपनी कमला पसंद और राजश्री के मालिक कमल किशोर चौरसिया के परिवार से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कमल किशोर चौरसिया की बहू दीप्ति चौरसिया ने दिल्ली के वसंत विहार स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली है। इस घटना से उद्योग जगत और व्यापारी वर्ग में शोक की लहर है।
टॉप ब्रांड पान मसाला कंपनी के मालिक की संपत्ति की बात करें तो, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चौरसिया परिवार की संपत्ति करोड़ों रुपए में है और उनका कारोबार देश के सबसे बड़े एफएमसीजी (FMCG) कारोबारों में गिना जाता है।
कमला पसंद ब्रांड के साम्राज्य की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से हुई थी। कमल किशोर चौरसिया ने अपने व्यापार की शुरुआत उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित फीलखाना मोहल्ले के एक छोटे से दुकान से की थी। आज यह कंपनी अरबों रुपए का टर्नओवर करती है।
कमला पसंद के संस्थापक कमलाकांत चौरसिया और कमल किशोर चौरसिया हैं। कंपनी आधिकारिक तौर पर वर्ष 1973 में रजिस्टर्ड हुई थी। दोनों ही संस्थापकों ने 1980 के दशक में गुटखा व्यापार में कदम रखा, जो उस दौर में भारत में तेजी से उभर रहा था।
समय के साथ-साथ कंपनी ने दूसरे प्रोडक्ट्स सेगमेंट में भी कदम रखा। तंबाकू, गुटखा, इलायची, और दूसरे एफएमसीजी प्रोडक्ट्स में सफलतापूर्वक हाथ आजमाने के बाद, कंपनी ने खुद को केवल पान मसाला उद्योग तक सीमित नहीं रखा।
वर्तमान में, कंपनी ने रियल एस्टेट और लोहा कारोबार जैसे क्षेत्रों में भी कदम रखा है। यह विविधीकरण (Diversification) चौरसिया परिवार के व्यापारिक कौशल को दर्शाता है।
बाजार विश्लेषण कंपनियों के अनुसार, देश में पान मसाला उद्योग लगातार बढ़ रहा है और इसकी कुल वैल्यू करीब 46,882 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस विशाल कारोबार में कमला पसंद ब्रांड अकेले ही ₹3,000 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना योगदान देता है।
कंपनी की मुख्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट आज भी कानपुर में स्थित है, जहां से देशभर के विभिन्न राज्यों में पान मसाला की सप्लाई की जाती है। इस दुखद घटना के बीच, कंपनी की सफलता की कहानी खुद अपनी कहानी बयां करती है कि कैसे एक छोटे से शहर से शुरू हुआ व्यापार आज करोड़ों रुपए का नेटवर्थ रखता है। इस आत्महत्या के मामले में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
