न्यूज स्कूप : सर्दियों का मौसम पारंपरिक रूप से भारतीय घरों में गरमाहट और पोषण से भरपूर डेजर्ट्स के लिए जाना जाता है। गाजर या मूंग दाल का हलवा सबसे अधिक लोकप्रिय हैं, लेकिन क्या आपने कभी कच्ची हल्दी का हलवा चखा है? यह केवल एक मीठा व्यंजन नहीं है, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए किसी रामबाण औषधि से कम नहीं है।
कच्ची हल्दी का हलवा सर्दियों में आपके शरीर को आंतरिक गरमाहट देता है, जिससे आपकी इम्यूनिटी (Immunity) मजबूत होती है और आप वायरल स्वास्थ्य समस्याओं (Viral Health Problems) जैसे जुकाम और खांसी से बचे रहते हैं। बच्चों को अक्सर हल्दी का दूध पीने में हिचकिचाहट होती है, लेकिन यह स्वादिष्ट हलवा उन्हें पोषण देने का एक बेहतरीन तरीका है।
कच्ची हल्दी से हलवा बनाना बहुत ही आसान है और यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है। हालांकि, इसे अन्य हलवों की तरह बड़ी मात्रा में नहीं खाया जाता, बल्कि सीमित मात्रा में सेवन करने पर यह आपको पूरी सर्दी हेल्दी बनाए रख सकता है।
| सामग्री (Ingredients) | मात्रा (Quantity) | अतिरिक्त सुझाव |
| कच्ची हल्दी | 250 ग्राम | – |
| बादाम | 100-120 ग्राम | पिस्ता या काजू भी ले सकते हैं। |
| देसी घी | 200 ग्राम | – |
| बेसन | 100 ग्राम | – |
| गुड़ | 250 ग्राम | मिठास के अनुसार कम या ज्यादा करें। |
| हरी इलायची | 8-9 | दरदरी कुटी हुई। |
| बादाम की कतरन | 1.5 चम्मच (लगभग) | गार्निशिंग के लिए। |
सबसे पहले कच्ची हल्दी को अच्छी तरह धो लें और कपड़े से पोंछकर सारी नमी सुखा लें। इसके बाद इसका छिलका हटा दें। हलवा बनाने के लिए हल्दी को या तो कद्दूकस कर लें या छोटे टुकड़ों में काटकर मिक्सर जार में पीस लें। साथ ही, बादाम को भी ग्राइंडर में डालकर पाउडर बना लें। बादाम का पाउडर हलवे को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाएगा, और हल्दी के कसैलेपन को संतुलित करेगा।
एक कड़ाही में 4 बड़े चम्मच देसी घी डालें। इसमें पिसी या कद्दूकस की हुई हल्दी डालकर चलाते हुए भूनें। इस बात का ध्यान रखें कि फ्लेम को हल्का या मीडियम रखें ताकि हल्दी जले नहीं। जब हल्दी सारा घी सोख ले, तो उसमें पिसे हुए बादाम का पाउडर मिला दें। इसे दो से तीन मिनट तक तब तक अच्छी तरह भूनें, जब तक कि हल्दी कड़ाही से अलग न होने लगे। हल्दी के भुन जाने के बाद गैस बंद कर दें।
अब एक दूसरे पैन में 2-3 चम्मच देसी घी डालें और बेसन को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक रोस्ट करें जब तक कि उसका रंग न बदल जाए। जब बेसन भुन जाए, तो इसमें छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर गुड़ मिलाएं। गुड़ को पूरी तरह पिघलने तक इसे चलाते हुए पका लें। ध्यान रखें कि इस मिश्रण में बिल्कुल भी गांठ न रहे।
गुड़ और बेसन जब पक जाए, तो इस मिश्रण में भुनी हुई हल्दी मिला दें। साथ में थोड़ा सा और घी एड करें और सभी चीजों को एक साथ चलाते हुए पकाएं। जब हल्दी, गुड़ और बेसन तीनों चीजें अच्छी तरह मिल जाएं, तो इसमें दरदरी कुटी हुई इलायची का पाउडर मिलाएं।
हलवे को तब तक पकाते रहें, जब तक कि घी हलवे से अलग न होने लगे। जब हलवा घी छोड़ने लगे, तो गैस को बंद कर दें, क्योंकि यह इस स्टेज पर बनकर तैयार हो जाता है।
आप इस हलवे को ठंडा करके एक एयरटाइट कंटेनर में भरकर कुछ दिनों के लिए स्टोर करके भी रख सकते हैं। सर्दियों में रोजाना गुनगुने दूध के साथ औषधि की तरह 1-2 चम्मच कच्ची हल्दी का हलवा खाएं। इससे आप कई वायरल हेल्थ प्रॉब्लम से बचे रहेंगे और शरीर में ऊर्जा और गरमाहट बनी रहेगी।
