न्यूज स्कूप : आचार्य चाणक्य को सिर्फ एक ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर ही नहीं जाना जाता है, बल्कि उनके द्वारा दिए गए व्यावहारिक और प्रेरणादायक सिद्धांतों (चाणक्य नीति) को आज भी लाखों लोग अपनी जिंदगी को संवारने के लिए फॉलो करते हैं। चाणक्य ने अपने जीवनकाल में लगभग सभी विषयों पर खुलकर बात की थी, जिसमें पारिवारिक जीवन और महिलाओं की भूमिका भी शामिल है।
परिवार और घर-परिवार को जोड़कर रखने में महिलाओं का योगदान अमूल्य होता है। चाणक्य नीति में ऐसे 5 गुणों का उल्लेख किया गया है, जो किसी भी महिला में होने पर वह न केवल घर में खुशहाली और सुख-शांति लाती हैं, बल्कि परिवार के लिए ‘भाग्यशाली’ भी साबित होती हैं।
चाणक्य नीति के अनुसार, जिस महिला में सब्र करने की अद्भुत क्षमता होती है, वह किसी भी मुश्किल या बड़ी परेशानी में भी नहीं टूटती है। ऐसी महिलाएं समस्याओं का सामना डट कर करने को तैयार रहती हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेती हैं। सब्र का यह गुण घर में अनावश्यक विवादों को टालता है और दीर्घकालिक सुख-शांति सुनिश्चित करता है।
आचार्य चाणक्य के अनुसार, समझदार महिला परिवार की आधारशिला होती है। वह हर कदम सोच-समझकर उठाती है और सही-गलत में स्पष्ट फर्क करती है। उसे इस बात की अच्छी पकड़ होती है कि कब क्या करना है और क्या नहीं। ऐसी महिलाएं घर के सभी परेशानियों से निजात दिलाती हैं और मुसीबत के समय पूरे परिवार को मानसिक और भावनात्मक सहारा देती हैं।
जिस महिला की वाणी में मिठास और विनम्रता होती है, वह सभी के दिल पर राज करती है। चाणक्य नीति कहती है कि ऐसी स्त्री विनम्रता से बात करती है, दूसरों के महत्व को समझती है, और उनका सम्मान करती है। यह गुण केवल बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर भी आपसी भरोसा और प्यार को बढ़ाता है, जिससे घर का माहौल हमेशा सकारात्मक बना रहता है।
एक अच्छी गृहिणी वह होती है जो अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और निष्ठा के साथ निभाती है। चाणक्य के अनुसार, जो महिला परिवार, बच्चों और रिश्तों के प्रति सजग रहती है और अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करती है, वह कभी भी ऐसा कोई कदम नहीं उठाती है जिससे उसके परिवार को मुश्किलों या बदनामी का सामना करना पड़े। ऐसी महिलाएं परिवार के अनुशासन और प्रगति को सुनिश्चित करती हैं।
एक सच्ची और ईमानदार महिला घर की सबसे भरोसेमंद आधारशिला होती है, जिस पर पूरे परिवार की नींव टिकी होती है। चाणक्य नीति मानती है कि यह सबसे महत्वपूर्ण गुण है। ऐसी महिला किसी भी स्थिति में झूठ नहीं बोलती है और धोखे का सहारा नहीं लेती है, जिससे पूरे परिवार में आपसी भरोसा और पारदर्शिता बढ़ती है। जहाँ ईमानदारी होती है, वहाँ रिश्ते मजबूत और अटूट होते हैं।
इन पाँच गुणों वाली महिलाएं न केवल अपने परिवार का गौरव होती हैं, बल्कि वे अपने विवेक और आचरण से पूरे घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देती हैं।
