न्यूज स्कूप : केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें सेंट्रल पे कमीशन (8th Central Pay Commission) से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सोमवार, 1 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए, वित्त मंत्रालय के राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार का फिलहाल कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को उनकी बेसिक सैलरी में मर्ज करने का कोई प्लान नहीं है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कर्मचारी संगठन लंबे समय से डीए को बेसिक सैलरी में मिलाने की मांग कर रहे थे। हालांकि, कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया को 3 नवंबर 2025 को पहले ही नोटिफाई कर दिया है।
जहां डीए मर्जर को लेकर निराशा हाथ लगी है, वहीं 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से कर्मचारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
- संभावित वृद्धि: विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, 8वां वेतन आयोग लागू होने पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों का कुल वास्तविक वेतन (बेसिक + डीए) 14% से 54% तक बढ़ सकता है। हालांकि, जानकारों के अनुसार 54% की उच्चतम बढ़ोतरी की संभावना कम है।
- कैलकुलेशन का आधार: संभावित वेतन वृद्धि के ये अनुमान अलग-अलग ग्रेड पे (1900 से 8900) के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.92 और 2.57 मानकर तैयार किए गए हैं। इन अनुमानों में HRA (24%), TA (₹3,600-₹7,200), NPS (10%) और CGHS शुल्क जैसे भत्ते भी शामिल हैं।
महंगाई भत्ता (DA) सरकार द्वारा कर्मचारियों को महंगाई के असर से बचाने के लिए दिया जाता है। यह ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (ACPI-IW) के आधार पर तय होता है और हर छह महीने में रिवाइज होता है।
- वर्तमान स्थिति: वर्तमान में डीए 58% है। इसका मतलब है कि 1 लाख रुपये बेसिक पे वाले कर्मचारी को 58,000 रुपये डीए के रूप में मिलते हैं।
- कर्मचारियों की मांग: कई कर्मचारी एसोसिएशन लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि डीए को बेसिक सैलरी में मिला दिया जाए। यदि ऐसा होता, तो अगले अलाउंस बढ़ोतरी के समय बढ़ी हुई बेसिक सैलरी के आधार पर कुल सैलरी में और ज्यादा इजाफा होता।
- वित्त मंत्रालय का जवाब: वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और महंगाई भत्ते को सीधे बेसिक में मर्ज करने का कोई प्लान नहीं है।
3 नवंबर 2025 को 8वें सेंट्रल पे कमीशन के गठन का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद, यह कमीशन कर्मचारियों की बेसिक पे और अन्य अलाउंस में बदलाव की सिफारिशें करेगा।
डीए को बेसिक में मर्ज न करने के बावजूद, कर्मचारी अगली सैलरी बढ़ोतरी पर इसका सीधा लाभ देखेंगे, क्योंकि पे कमीशन की सिफारिशें लंबी अवधि में कर्मचारियों की आय को सुरक्षित करने का काम करेंगी। यह कदम सरकारी कर्मचारियों के लिए भविष्य में आर्थिक स्थिरता का साधन साबित हो सकता है।
