न्यूज स्कूप : अजमेर में गुरुवार (आज, 4 दिसंबर) दोपहर जिला कलेक्टर के दफ्तर में एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। ईमेल में न केवल प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को, बल्कि अजमेर के परमाणु संयंत्र और कलेक्ट्रेट परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस सूचना के बाद तत्काल प्रभाव से जांच एजेंसियां और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया।
धमकी की सूचना मिलते ही अजमेर पुलिस ने बिना देर किए त्वरित कार्रवाई शुरू की। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को तुरंत पूरी तरह से खाली कराया गया।
- टीम की तैनाती: पुलिस ने बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) और डॉग स्क्वाड के साथ मिलकर दरगाह परिसर और अन्य लक्षित स्थानों पर सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
- स्थिति: सर्च ऑपरेशन के दौरान, दरगाह परिसर या अन्य किसी स्थान पर कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। हालांकि, सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
- अफरा-तफरी: धमकी की खबर फैलते ही दरगाह परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
अजमेर एसपी वंदिता राणा ने घटना की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि यह धमकी एक अनवैरिफाइड (Unverified) अकाउंट से ईमेल के जरिए प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि धमकी में लिखी गई बातों की विश्वसनीयता की जांच की जा रही है।
एसपी राणा ने बताया:
“पूरी टीम ग्राउंड पर है। बीडीएस और डॉग स्क्वाड सहित सभी लोग चेकिंग कर रहे हैं। अभी तक किसी भी प्रकार की कोई भी संदिग्ध वस्तु हमें नहीं मिली है। हम ईमेल के खिलाफ पूरा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल फॉलो कर रहे हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि मेल कहां से और किसने भेजा है।”
एसपी ने अजमेर की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने साफ कहा कि डरने की कोई बात नहीं है और पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां अब ईमेल के आईपी एड्रेस और स्रोत की तकनीकी जांच में जुट गई हैं ताकि धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान की जा सके और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने वाली इस धमकी ने अजमेर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
