न्यूज स्कूप : भारतीय क्रिकेट टीम ने विशाखापट्टनम में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमा लिया है। सीरीज के इस आखिरी मुकाबले में भारत ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया, जहां युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अपने करियर का पहला वनडे शतक जड़कर जीत की कहानी लिखी।
दक्षिण अफ्रीका की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 270 रनों पर सिमट गई थी। जवाब में, टीम इंडिया ने यह लक्ष्य 61 गेंद शेष रहते, महज एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।
मैच में भारत की जीत की नींव गेंदबाजों ने रखी। स्पिनर कुलदीप यादव और तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने कहर बरपाते हुए 4-4 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका के बड़े स्कोर बनाने के सपने को तोड़ दिया।
- कुलदीप का इतिहास: कुलदीप यादव ने इस मैच में 4 विकेट लेकर इतिहास रच दिया। वह अब ODI क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा बार 4-विकेट हॉल लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर आ गए हैं। कुलदीप ने 11 बार यह उपलब्धि हासिल की है। उनसे आगे सिर्फ अजीत अगरकर (12 बार) और मोहम्मद शमी (16 बार) हैं।
271 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को कप्तान रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। पिछले दो मैचों में सिर्फ 40 रन बनाने के दबाव में आए जायसवाल ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया।
- सलामी साझेदारी: जायसवाल ने 75 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और रोहित शर्मा (75 रन) के साथ मिलकर 155 रनों की शानदार सलामी साझेदारी की।
- पहला ODI शतक: रोहित के आउट होने के बाद जायसवाल ने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और 121 गेंदों में 116 रन बनाकर नाबाद लौटे। इस यादगार पारी में उन्होंने 12 चौके और 2 छक्के लगाए।
- बड़ा रिकॉर्ड: इस शतक के साथ जायसवाल अब सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा, सुरेश रैना, और केएल राहुल के बाद, तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) में शतक लगाने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं, जो उनके शानदार करियर की शुरुआत का प्रतीक है।
रोहित शर्मा के आउट होने के बाद क्रीज पर आए विराट कोहली ने मोर्चा संभाला। कोहली ने मैदान में आते ही तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए। वह 45 गेंद में 65 रन बनाकर नाबाद लौटे। इस तेजतर्रार पारी में उन्होंने 6 चौके और 3 छक्के जड़े।
जायसवाल और कोहली ने मिलकर 84 गेंदों में 116 रनों की अटूट साझेदारी की और भारत को 61 गेंद बाकी रहते 9 विकेट से एक यादगार जीत दिलाकर सीरीज पर कब्जा किया।
