न्यूज स्कूप : साल 2017 के मलयालम एक्ट्रेस गैंगरेप मामले में सोमवार (8 दिसंबर, 2025) को केरल के एर्नाकुलम डिस्ट्रिक्ट सेशन कोर्ट ने लगभग आठ साल तक चले ट्रायल के बाद अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है।
कोर्ट ने इस मामले में आरोपी मलयालम फिल्म एक्टर दिलीप (Dileep) को उन पर लगे सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इस केस में दिलीप आठवें आरोपी थे। वहीं, कोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपी पल्सर सुनील (Pulsar Suni) को सभी आरोपों में दोषी ठहराया है।
एर्नाकुलम कोर्ट की प्रिंसिपल सेशंस जज हनी एम वर्गीस ने यह फैसला सुनाया।
इस पूरे मामले में एक्टर दिलीप पर सबसे गंभीर आरोप यह था कि उन्होंने ही इस घटना को अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी पल्सर सुनील को ₹1.5 करोड़ रुपये देने की साजिश रची थी।
- प्रोसिक्यूशन का दावा: प्रॉसिक्यूशन ने कोर्ट में दावा किया था कि दिलीप ने एक्ट्रेस पर हुए हमले की पूरी साजिश रची थी।
- गिरफ्तारी और जमानत: दिलीप को सबूत मिटाने के आरोप में जुलाई 2017 में गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी पल्सर सुनी ने उन्हें जेल से एक चिट्ठी भेजी थी। दिलीप इस केस में 84 दिन की जेल काट चुके हैं, जिसके बाद उन्हें अक्टूबर 2017 में ज़मानत मिल गई थी।
- कोर्ट का फैसला: सोमवार को आए कोर्ट के फैसले में, जजों ने दिलीप को इस मामले में उन पर लगे सभी आरोपों से बस्पष्ट राहत दे दी।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में आरोपी नंबर 1 से 6 दोषी हैं। इस मामले में कुल 10 आरोपी थे। 6 को दोषी पाया गया है, जबकि कई अन्य आरोपियों को या तो बरी कर दिया गया या वे सरकारी गवाह बन गए।
दोषी ठहराए गए मुख्य आरोपियों में शामिल हैं:
- एनएस सुनील, उर्फ ‘पल्सर सुनी’ (मुख्य आरोपी)
- मार्टिन एंटनी
- बी मणिकंदन
- वीपी विजीश
- एच सलीम उर्फ वाडीवाल सलीम
- प्रदीप
सभी आरोपियों पर इंडियन पीनल कोड (IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। उन पर मुख्य रूप से किडनैपिंग (अपहरण), तोड़फोड़, गैंगरेप (सामूहिक बलात्कार) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।
कोर्ट अब दोषी ठहराए गए 6 आरोपियों की सजा पर सुनवाई करेगा।
