न्यूज स्कूप : सोमवार (8 दिसंबर) की सुबह राजस्थान के कोटा जिले के प्रशासनिक तंत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कोटा कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। यह धमकी सुबह कलेक्टर कार्यालय की आधिकारिक मेल आईडी पर प्राप्त हुई।
सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आए। कलेक्ट्रेट परिसर को तुरंत खाली करवाया गया और परिसर के चारों ओर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया। कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया गया है।
धमकी भरे ईमेल में खुद को केरल निवासी बताने वाले किसी अज्ञात व्यक्ति ने धमकी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस साइबर टीम इस दावे की सत्यता और ईमेल की सही लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है।
कलेक्ट्रेट में गहन जांच के लिए डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दल और स्पेशल टीमों को तैनात किया गया है। नगर निगम की फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा में कोई ढील न बरतते हुए जांच जारी है।
कोटा कलेक्ट्रेट को धमकी मिलने के कुछ समय बाद ही राज्य की राजधानी जयपुर में राजस्थान हाई कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
- लगातार तीसरी घटना: यह बेहद चिंताजनक है कि पिछले 5 दिनों में हाई कोर्ट को दूसरी बार और राज्य के किसी हाई-प्रोफाइल सरकारी परिसर को तीसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
- पिछली घटनाएं: इससे पहले, 5 दिसंबर को भी जयपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट को धमकी मिली थी, और 4 दिसंबर को अजमेर की प्रसिद्ध दरगाह और कलेक्ट्रेट को भी ऐसी ही धमकी दी गई थी।
राज्य में लगातार मिल रही इस प्रकार की धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। अब तक इन सभी मामलों में कोई भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन सरकारी और न्यायिक परिसरों को बार-बार निशाना बनाए जाने से सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस की साइबर टीम अब इन सभी धमकियों के बीच किसी भी संभावित कनेक्शन की तलाश कर रही है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और सुरक्षा एजेंसियों को सहयोग बनाए रखें।
