28 Feb 2026, Sat
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Health Alert: कहीं आप चीनी का हेल्दी विकल्प समझकर ‘ज्यादा’ गुड़ तो नहीं खा रहे? रोज अधिक गुड़ खाने से हो सकते हैं ये 5 बड़े नुकसान, डायबिटीज रोगी तुरंत जानें

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न्यूज स्कूप : भारत में मीठा खाने की परंपरा सदियों पुरानी है। आधुनिक दौर में, जब लोग फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए हैं, तब कई लोग रिफाइंड शुगर (Refined Sugar) की जगह ‘नेचुरल स्वीट’ जैसे गुड़ को चुनना ज्यादा हेल्दी मानते हैं। यह धारणा है कि गुड़, जिसमें आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, चीनी की तुलना में पूरी तरह सुरक्षित है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुड़ खाना हमेशा सुरक्षित विकल्प नहीं होता? अगर आप इसे हेल्दी समझकर बिना सोचे-समझे ज्यादा मात्रा में खा रहे हैं, तो इसके कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं। जैसा कि कहा जाता है कि किसी भी चीज की अधिकता नुकसान करती है, यह नियम गुड़ पर भी पूरी तरह लागू होता है।

1. गुड़ में भी है शुगर और कैलोरी की भारी मात्रा

यह सबसे बड़ी गलतफहमी है कि गुड़, चीनी की तरह शुगर नहीं बढ़ाता। कई लोग इसे चीनी का सुरक्षित विकल्प मानकर रोजाना खाते हैं, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि गुड़ में भी ग्लूकोज, सुक्रोज और फ्रक्टोज मौजूद होता है।

  • शुगर कंटेंट: 100 ग्राम गुड़ में करीब 10 से 15 ग्राम फ्रक्टोज मौजूद होता है।
  • मधुमेह का खतरा: रोजाना और अधिक गुड़ खाने से ब्लड शुगर बढ़ना बिल्कुल संभव है। अगर आपको डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं हैं, तो ज़रूरत से ज्यादा गुड़ खाने से आपकी ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ सकते हैं। अत्यधिक सेवन करने पर गुड़ भी चीनी की तरह ही काम करता है।

2. वजन बढ़ने का खतरा (High Calories)

हेल्थ-कॉन्शियस लोग सोचते हैं कि गुड़ खाने से उनकी डाइट पर असर नहीं पड़ेगा। लेकिन गुड़ में ग्लूकोज, फ्रक्टोज और कुछ मात्रा में फैट भी मौजूद रहता है।

  • कैलोरी काउंट: सिर्फ 100 ग्राम गुड़ में लगभग 383 कैलोरी होती हैं। यह मात्रा लगभग 100 ग्राम चीनी जितनी ही होती है। इसलिए, इसका ज्यादा सेवन आपके वजन को तेजी से बढ़ाने में योगदान दे सकता है।

3. खराब गुणवत्ता से इंफेक्शन का खतरा

गुड़ गन्ने के रस से तैयार किया जाता है, और इसे बनाने की प्रक्रिया हमेशा साफ-सुथरी नहीं होती। कई बार कच्चे रस की ठीक से सफाई न होने पर इसमें अशुद्धियां, धूल या कीटाणु रह जाते हैं।

  • पेट की समस्या: अगर गुड़ की गुणवत्ता खराब है या यह गंदे माहौल में बना है, तो इससे पेट में इंफेक्शन, डायरिया या अन्य पाचन संबंधी दिक्कतें होने की संभावना रहती है। इसलिए हमेशा भरोसेमंद ब्रांड का उच्च गुणवत्ता वाला गुड़ ही चुनें।

4. पाचन और गर्मी की समस्या

यह सच है कि थोड़ी मात्रा में गुड़ इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, लेकिन अधिक मात्रा में यह पाचन को बिगाड़ देता है।

  • शरीर में गर्मी: गुड़ की तासीर गर्म होती है। ज्यादा सेवन करने पर यह शरीर में अत्यधिक गर्मी पैदा करता है, जिससे पेट में जलन, कब्ज या असहजता हो सकती है।

5. एलर्जिक रिएक्शन की संभावना

आमतौर पर गुड़ को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ संवेदनशील लोगों में इसकी अधिक मात्रा एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकती है। इन लक्षणों में पेट दर्द, सर्दी, खांसी, मतली, सिरदर्द या उल्टी शामिल हैं।

निष्कर्ष और सलाह:

गुड़ बेशक चीनी से बेहतर विकल्प है, लेकिन तभी जब इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए। गुड़ खाने का सही तरीका है, कम मात्रा, सही समय (जैसे भोजन के बाद), और गुणवत्ता पर ध्यान देना। डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों को इसे खाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

By News Scoop Desk

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