न्यूज स्कूप : हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) के मरीजों की यह शिकायत आम है: “डॉक्टर साहब, मैं तो खाने में ऊपर से नमक डालता ही नहीं, फिर भी बीपी कंट्रोल में क्यों नहीं रहता?”
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष कुमार ने इस समस्या की असली वजह का खुलासा किया है। उनके अनुसार, बीपी कंट्रोल न होने की मुख्य वजह वह नमक नहीं है जिसे लोग ऊपर से डालते हैं, बल्कि वह ‘छिपा हुआ नमक (Hidden Salt)’ है जो रोजमर्रा के खाने में पहले से मौजूद होता है। भारत में यही छिपा हुआ नमक अब हाई ब्लड प्रेशर की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।
यह चिंता अब सिर्फ अंदाजा नहीं रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति हाई बीपी (Hypertension) से जूझ रहा है। कई शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 35 प्रतिशत से भी ज्यादा है।
सबसे डराने वाली बात यह है कि बड़ी संख्या में मरीज 50 साल से कम उम्र के हैं, और या तो उन्हें अपनी बीमारी का पता ही नहीं है या फिर दवाइयां लेने के बावजूद उनका इलाज ठीक से नहीं हो पा रहा है।
नमक में मौजूद सोडियम शरीर में पानी रोककर रखता है। इससे ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाओं) में दबाव बढ़ जाता है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर:
- ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचता है।
- हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और किडनी की बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
असली परेशानी यह है कि बहुत सा नमक ऐसा होता है, जो स्वाद में नमकीन भी नहीं लगता, जिससे इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
डॉ. आशीष कुमार के अनुसार, ये रोज़मर्रा के फूड आइटम्स हैं जिनमें छिपा हुआ नमक सबसे ज्यादा होता है:
| छिपे नमक का स्रोत | क्यों है खतरनाक? |
| ब्रेड और पाव | रोजाना खाई जाने वाली सफेद, ब्राउन या मल्टीग्रेन ब्रेड में भी कई बार सफेद ब्रेड जितना ही सोडियम होता है। |
| सॉस और चटनियां | टमाटर केचप, सोया सॉस, चिली सॉस, सैंडविच स्प्रेड और पैकेट वाली चटनियों में शेल्फ लाइफ और स्वाद के लिए भरपूर नमक होता है। |
| पैकेज्ड स्नैक्स | चिप्स, भुजिया, नमकीन मिक्स, क्रैकर्स और ‘बेक्ड’ या ‘लाइट’ लिखे स्नैक्स में भी काफी नमक होता है, लेकिन ये ज्यादा नमकीन नहीं लगते। |
| चीज स्लाइस/स्प्रेड | चीज स्लाइस, चीज स्प्रेड और फ्लेवर वाला बटर भी नमक से भरपूर होते हैं। |
| रेडी-टू-ईट फूड | बाहर का खाना और रेडी-टू-ईट फूड स्वाद और बनावट के लिए ज्यादा नमक इस्तेमाल करते हैं। |
| भारतीय थाली | सामान्य भारतीय थाली में बाजार के मसालों से बनी सब्जी, अचार, पापड़ और चटनी शामिल होती है, जो ऊपर से नमक न डालने के बावजूद सोडियम की मात्रा को सुरक्षित सीमा से ऊपर ले जाती है। |
इन कारणों से, 2025 में भी करीब आधे हाई बीपी मरीजों का ब्लड प्रेशर दवाइयों के बावजूद ठीक से कंट्रोल में नहीं है। डॉक्टरों के मुताबिक, दिल की सेहत के लिए रोजाना एक चम्मच से कम नमक लेना चाहिए, लेकिन अनुमान बताते हैं कि ज्यादातर भारतीय इससे दोगुना नमक खा रहे हैं, वह भी पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड की वजह से।
छिपे हुए नमक से बचने के लिए आपको बहुत सख्त डाइट की जरूरत नहीं है, बल्कि स्मार्ट विकल्प चुनने की जरूरत है:
- धीरे-धीरे कटौती: धीरे-धीरे नमक कम करने से स्वाद भी अपने आप एडजस्ट हो जाता है।
- लेबल पढ़ें: खाने के पैकेट पर सोडियम लेबल ध्यान से पढ़ें।
- कटौती करें: सॉस, स्प्रेड और पैकेज्ड स्नैक्स का इस्तेमाल कम करें।
- ताजे विकल्प: पैक्ड स्नैक्स की जगह ताजे फल, सब्जियां या घर पर बने स्वस्थ विकल्प चुनें।
- घर का खाना: घर का बना खाना ज्यादा खाएं, जहां आप नमक की मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं।
