न्यूज स्कूप : ज्योतिष और रत्न शास्त्र में, नीलम रत्न (Blue Sapphire) को शनि ग्रह का प्रतिनिधित्व करने वाला सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली रत्न माना जाता है। यह रत्न शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान आने वाली बाधाओं को कम करने, भाग्य, धन, मानसिक शांति और करियर में सफलता दिलाने के लिए जाना जाता है।
हालांकि, इसकी तीव्र और कठोर ऊर्जा के कारण, यह सभी राशियों के लिए अनुकूल नहीं होता। यदि गलत राशि के जातक इसे धारण कर लें, तो यह तुरंत नकारात्मक परिणाम दे सकता है।
आइए जानते हैं कि किन 5 राशियों के जातकों को नीलम रत्न धारण करने से सख्त परहेज करना चाहिए, और इसके पीछे का ज्योतिषीय कारण क्या है:
- स्वामी ग्रह: मंगल
- कारण: मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल (Mars) और नीलम का ग्रह शनि (Saturn), ज्योतिष में एक-दूसरे के कट्टर शत्रु माने जाते हैं।
- नकारात्मक प्रभाव: शनि और मंगल के बीच का यह टकराव मेष राशि के जातकों के लिए वित्तीय हानि, करियर में रुकावटें, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और घर में अशांति ला सकता है। इसलिए मेष राशि वालों को नीलम नहीं पहनना चाहिए।
- स्वामी ग्रह: चंद्रमा (Moon)
- कारण: कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है, जबकि नीलम शनि देव का रत्न है। ज्योतिष के अनुसार, शनि और चंद्रमा के बीच भी शत्रुता का भाव है।
- नकारात्मक प्रभाव: यह संयोजन कर्क राशि वालों के लिए अत्यंत नकारात्मक परिणाम देता है। यह मानसिक अस्थिरता, भावनात्मक तनाव और करियर में निराशा पैदा कर सकता है।
- स्वामी ग्रह: सूर्य (Sun)
- कारण: सिंह राशि का स्वामी सूर्य है। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य और शनि के बीच भी शत्रुता का भाव है। सूर्य अहंकार, आत्मा और सत्ता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि शनि अनुशासन और कर्म का।
- नकारात्मक प्रभाव: इस शत्रुता के कारण सिंह राशि वालों के लिए नीलम प्रतिकूल हो सकता है। यह सम्मान में कमी, सरकारी कार्यों में रुकावट और पिता के साथ संबंधों में तनाव ला सकता है।
- स्वामी ग्रह: मंगल
- कारण: वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल और नीलम के देवता शनि के बीच शत्रुतापूर्ण संबंध है।
- नकारात्मक प्रभाव: शनि की कठोर और धीमी ऊर्जा वृश्चिक की तीव्र और भावनात्मक प्रकृति से टकराती है। इससे जीवन में मानसिक तनाव, रिश्तों में दिक्कतें, करियर में रुकावटें और स्वास्थ्य समस्याएं आ सकती हैं।
- स्वामी ग्रह: बृहस्पति (Jupiter)
- कारण: ज्योतिष के अनुसार, शनि देव और बृहस्पति (देवताओं के गुरु) के बीच मित्रता नहीं है।
- नकारात्मक प्रभाव: यह रत्न धनु राशि के लिए अनुकूल नहीं होता। यह अचानक चुनौतियां, करियर और धन में दुर्भाग्य, और काम-कारोबार में दिक्कतें ला सकता है।
महत्वपूर्ण नोट: रत्न शास्त्र के अनुसार, नीलम रत्न धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेना अनिवार्य है। इसे बिना परामर्श धारण करने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
