न्यूज स्कूप : संगम नगरी प्रयागराज में 3 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले पवित्र माघ मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त यात्रा प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक इंतजाम किए हैं।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह के निर्देश पर, इस बार मेले के लिए कुल 3,800 बसों का विशाल बेड़ा लगाया जाएगा। मुख्य स्नान पर्वों, खासकर मौनी अमावस्या (18 जनवरी 2026) और बसंत पंचमी पर, जब लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, परिवहन व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा।
हर साल माघ मेले के लिए औसतन 2,800 बसों का संचालन होता था, लेकिन इस बार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 1,000 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
- सामान्य संचालन: सामान्य दिनों में 1,800 बसें चलेंगी।
- मुख्य पर्वों पर: मुख्य स्नान पर्वों पर बसों की संख्या 2,800 से अधिक हो जाएगी।
- रिजर्व: आपात स्थिति के लिए 200 बसें हमेशा रिजर्व में रखी जाएंगी।
बसों का आवंटन लखनऊ, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, कानपुर, देवीपाटन और झांसी जैसे प्रमुख क्षेत्रों से किया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधकों को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। दिसंबर के अंत तक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
इस बार माघ मेला पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक भी बनेगा। परिवहन निगम ने प्रदूषण मुक्त यातायात को बढ़ावा देने के लिए खास इंतजाम किए हैं:
- इलेक्ट्रिक शटल बसें: मेले क्षेत्र में कुल 75 AC इलेक्ट्रिक शटल बसें चलाई जाएंगी। इनमें शहर की मौजूदा 50 बसें शामिल हैं, और 25 नई बसें दिसंबर के अंत तक सेवा में आ जाएंगी।
- पर्वों पर फ्रीक्वेंसी: मुख्य स्नान पर्वों पर 275 शटल बसों की व्यवस्था की गई है, जो हर 5-15 मिनट में उपलब्ध रहेंगी।
- कनेक्टिविटी: ये बसें श्रद्धालुओं को पार्किंग जोन, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सीधे संगम क्षेत्र तक जोड़ेंगी, जिससे उन्हें कम पैदल चलना पड़े और यात्रा सुविधाजनक हो।
महाकुंभ 2025 के सफल अनुभव का लाभ उठाते हुए, इस बार यातायात व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने और आवाजाही आसान बनाने के लिए तीन से पांच अस्थायी बस अड्डों का निर्माण किया जा रहा है।
- स्थान: प्रमुख अस्थायी बस अड्डों में सिविल लाइंस, झूंसी, नेहरू पार्क, बेला कछार आदि शामिल हैं।
- सेवाएं: इन अड्डों से लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी सहित प्रमुख शहरों के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध रहेगी।
यह ऐतिहासिक तैयारी सुनिश्चित करेगी कि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से पवित्र संगम तट पर पहुंच सकें और पुण्य कमा सकें।
