18 Mar 2026, Wed
Breaking

Pollution Control: प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश; अगले साल 1 अक्टूबर से 31 जनवरी तक MCD टोल बंद रखने का सुझाव, कहा- ‘पैसों के लिए कनॉट प्लेस में भी टोल लगा देंगे क्या?’

News Scoop

न्यूज स्कूप : दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की गंभीर स्थिति और सड़कों पर लगने वाले घंटों लंबे जाम को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक क्रांतिकारी सुझाव दिया है। कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अगले साल 1 अक्टूबर से 31 जनवरी तक टोल न वसूलने पर विचार करे। कोर्ट का मानना है कि टोल बूथों पर लगने वाला जाम दिल्ली की हवा को जहरीली बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने एमसीडी की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की और व्यवस्था सुधारने के लिए एक हफ्ते का समय दिया।

“कल को आप कनॉट प्लेस में भी टोल लगा देंगे” – सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान जब कोर्ट को बताया गया कि दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर और अन्य एंट्री पॉइंट्स पर एमसीडी टोल की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं, तो सीजेआई नाराज हो गए।

  • एमसीडी को फटकार: सीजेआई सूर्यकांत ने एमसीडी के वकील से कहा, “हमें इस तरह से होने वाली आपकी इनकम नहीं चाहिए। कल को पैसों के लिए क्या आप कनॉट प्लेस के अंदर भी टोल लगाना शुरू कर देंगे?”
  • ठोस प्लान की मांग: कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रशासन अगले साल के लिए एक ऐसा प्लान तैयार करे जिसमें सर्दियों के चरम महीनों (अक्टूबर से जनवरी) के दौरान टोल प्लाजा बंद रखे जा सकें। कोर्ट ने एनएचएआई (NHAI) से भी कहा है कि वह वैकल्पिक रूप से टोल वसूल कर एमसीडी को उसका हिस्सा देने पर विचार करे।

जाम और प्रदूषण का गहरा संबंध

कोर्ट को अवगत कराया गया कि दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर स्थित एमसीडी टोल प्लाजा प्रदूषण की एक बड़ी वजह है।

  1. घंटों का इंतजार: टोल की प्रक्रिया के कारण कार, मोटरसाइकिल और ट्रक घंटों तक इंजन चालू रखकर खड़े रहते हैं, जिससे भारी मात्रा में धुआं निकलता है।
  2. सच्चाई से सामना: सीजेआई ने वकील की दलीलों पर सहमति जताते हुए कहा, “ये सिर्फ आरोप नहीं हैं, बल्कि हकीकत है। टोल के जाम से लोग इतना डरते हैं कि वे शादियों और कार्यक्रमों में जाने से कतराने लगे हैं।”
  3. टोल बूथ शिफ्टिंग: कोर्ट ने एमसीडी को निर्देश दिया कि वे वर्तमान टोल बूथों को ऐसी जगहों पर शिफ्ट करें जहां ट्रैफिक का दबाव कम हो और जाम की स्थिति न बने।

सुप्रीम कोर्ट के अहम निर्देश:

  • एक हफ्ते का समय: एमसीडी को टोल बूथ शिफ्ट करने और अस्थायी बंदी पर विचार कर फैसला लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
  • सहयोग: कोर्ट ने केंद्र और राज्य की विभिन्न एजेंसियों से कहा कि वे राजस्व के बजाय लोगों के स्वास्थ्य और सुगम यातायात को प्राथमिकता दें।
  • मुकदमेबाजी: सीजेआई ने टिप्पणी की कि इन टोल प्लाजा की वजह से न सिर्फ प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि कानूनी विवाद और मुकदमेबाजी भी बढ़ रही है।

सुप्रीम कोर्ट का यह सुझाव अगर लागू होता है, तो अगले साल सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को न केवल जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आने की उम्मीद है।

By News Scoop Desk

News Scoop is a digital news platform that focuses on delivering exclusive, fast, verified and impactful stories to readers. Unlike traditional news portals that rely heavily on routine reports, a news scoop platform prioritizes breaking news, inside information, investigative leads, political developments, public interest stories and viral happenings fresh and first.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *