द लोकतंत्र : दिनभर की थकान के बाद शाम का समय अक्सर सुकून और दोस्तों के साथ गपशप का होता है। इसी दौरान ‘शाम की छोटी भूख’ को शांत करने के लिए हम अक्सर बिना सोचे-समझे बाहर का स्ट्रीट फूड खा लेते हैं। भले ही यह आदत रोज की न हो, लेकिन हालिया शोध और विशेषज्ञों की सलाह बताती है कि शाम के समय किया गया गलत चुनाव आपकी सेहत को लंबे समय के लिए बिगाड़ सकता है।
मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. पाल ने अपने सोशल मीडिया परामर्श में विशेष रूप से शाम 6 बजे के बाद कुछ लोकप्रिय स्नैक्स से दूरी बनाने की सलाह दी है।
स्वाद के चक्कर में हम अक्सर ऐसी चीजें खा लेते हैं जो पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर डालती हैं। डॉ. पाल ने अपनी लिस्ट में इन चीजों को शामिल किया है:
- समोसा और कचौड़ी: इनमें मैदा और पाम ऑयल की अधिकता होती है।
- जलेबी: ज्यादा शुगर और कैलोरी नींद और शुगर लेवल बिगाड़ती है।
- पानीपुरी और वड़ा पाव: कार्बोहाइड्रेट और मसालों का भारी कॉम्बिनेशन।
- फ्राइड मोमोज: मैदे की कोटिंग और तलने से यह बेहद भारी हो जाते हैं।
- बर्गर और पिज्जा: सैचुरेटेड फैट की अधिक मात्रा।
- नमकीन: इसमें मौजूद सोडियम शरीर में वॉटर रिटेंशन (सूजन) बढ़ाता है।
- मक्खन वाली पाव भाजी: भारी कैलोरी और फैट पाचन को धीमा कर देते हैं।
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की 2021 की एक स्टडी के अनुसार, तले हुए भोजन और टाइप-2 डायबिटीज के बीच गहरा संबंध पाया गया है।
- इंसुलिन रेजिस्टेंस: रिसर्च में देखा गया कि जो लोग शाम के समय तला हुआ खाना अधिक खाते हैं, उनका ब्लड शुगर कंट्रोल कमजोर हो जाता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है।
- आंतों की सेहत (Gut Health): तला हुआ खाना आंतों में मौजूद ‘अच्छे बैक्टीरिया’ को कम कर देता है और शरीर में सूजन (Inflammation) को बढ़ावा देता है। इससे भूख को कंट्रोल करने वाले जरूरी हार्मोन भी असंतुलित हो जाते हैं।
डॉ. पाल के मुताबिक, शाम का नाश्ता हल्का और पौष्टिक होना चाहिए जो रात की नींद और अगले दिन के मेटाबॉलिज्म में बाधा न डाले। आप इन विकल्पों को चुन सकते हैं:
- रोस्टेड मखाना: यह फाइबर से भरपूर और लो-कैलोरी है।
- स्प्राउट्स सलाद या चना चाट: प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत।
- स्टीम्ड गेहूं मोमोज: तले हुए की तुलना में ज्यादा सुरक्षित।
- बेसन चीला: आयरन और प्रोटीन से भरपूर।
- बिना तेल का पनीर टिक्का: मांसपेशियों के लिए अच्छा।
- वेज सूप या स्टीम्ड कॉर्न: पेट के लिए हल्का और सुपाच्य।
सही समय पर सही चुनाव न केवल आपकी एसिडिटी और गैस की समस्या को दूर करेगा, बल्कि वजन घटाने में भी मददगार साबित होगा।
