न्यूज स्कूप : पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ‘अटल’ रंग में सराबोर नजर आई। साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में ‘अटल फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित ‘अटल गीत गंगा’ कार्यक्रम में मशहूर कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास ने अपनी लेखनी और व्यंग्य की धार से ऐसा समां बांधा कि हॉल में मौजूद हर शख्स मंत्रमुग्ध हो गया।
इस एकल काव्य संध्या में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। कुमार विश्वास ने जहां अपनी कविताओं से राष्ट्रवाद का जोश भरा, वहीं मंच पर बैठे दिग्गजों पर किए गए उनके तीखे तंजों ने पूरे माहौल को ठहाकों से भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली पर बेहद मजाकिया लहजे में टिप्पणी की। उन्होंने कहा:
“उत्तर प्रदेश में एक संत कुर्सी पर बैठे हैं। वैसे तो संत दो तरह के होते हैं— एक जिनसे सज्जन मिलते हैं तो उन्हें आत्मिक मोक्ष मिलता है। लेकिन हमारे महाराज जी (योगी जी) दूसरे प्रकार के संत हैं। इनसे जब दुर्जन (अपराधी) मिलते हैं, तो महाराज जी उन्हें भी ‘मोक्ष’ (परलोक) पहुँचा देते हैं!”
कुमार विश्वास का यह ‘बुलडोजर मॉडल’ और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति वाला तंज सुनते ही सीएम योगी, राजनाथ सिंह और ब्रजेश पाठक अपनी हंसी नहीं रोक पाए और पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कुमार विश्वास ने अटल जी, मोदी जी और योगी जी की कार्यशैली के अंतर को एक उदाहरण से समझाया:
- अटल जी का दौर: “अटल जी कहते थे कि अगर कोई आपके घर पर कूड़ा फेंक दे, तो उसे खुद साफ कर दो (शांति का मार्ग)।”
- मोदी-राजनाथ की पीढ़ी: “ये पीढ़ी कहती है कि अगर कोई कूड़ा फेंके, तो उसे ही साफ कर दो (ईंट का जवाब पत्थर से)।”
- योगी जी का दौर: “लेकिन हमारे योगी जी का सीधा नियम है— कूड़े (गंदगी फैलाने वाले) को ही जड़ से साफ कर दो!”
इस सूक्ष्म राजनीतिक व्यंग्य पर राजनाथ सिंह और ब्रजेश पाठक ने खूब ठहाके लगाए। कुमार ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि वे उनका ‘आर्थिक शोषण’ कर रहे हैं और महाराज जी के बुलावे को सम्मन की तरह मानते हैं।
काव्य संध्या की शुरुआत कुमार विश्वास ने भगवान राम की वंदना और वीर शहीदों को समर्पित रचनाओं से की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अटल जी को याद करते हुए कहा कि वे एक जिंदादिल इंसान थे जिन्होंने प्रधानमंत्री पद की गरिमा और सम्मान को वैश्विक स्तर पर बढ़ाया। उन्होंने अटल जी की कालजयी पंक्तियों “हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा” का जिक्र कर युवाओं को प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि अटल जी ने भारतीय राजनीति को मूल्य-आधारित बनाया। उनकी कविताएं और विचार आज भी उत्तर प्रदेश और पूरे देश का मार्गदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य और कई कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे।
