न्यूज स्कूप : महाराष्ट्र की सियासत में ‘पवार’ परिवार का बिखराव हमेशा से चर्चा का केंद्र रहा है, लेकिन आगामी निकाय चुनावों (Local Body Polls) ने राज्य में एक नई राजनीतिक पटकथा लिख दी है। ठाकरे भाइयों (उद्धव और राज) के करीब आने के बाद अब पवार परिवार के भी एक होने की खबरें पुख्ता हो गई हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव के लिए अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के साथ गठबंधन का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में 2023 में आई उस दरार को भरने जैसा है, जब अजित पवार अपने चाचा का साथ छोड़कर बीजेपी-शिंदे गठबंधन में शामिल हो गए थे।
पिंपरी-चिंचवड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए परिवार और पुराने साथियों का एक साथ आना जरूरी है। उन्होंने भावनात्मक लहजे में कहा:
“पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनावों में ‘घड़ी’ (अजित गुट) और ‘तुरहा’ (शरद गुट) अब एक हो गए हैं। परिवार फिर से साथ आ गया है। हम में से अधिकतर लोग किसान हैं और यही हमारी साझा पहचान है।”
अजित पवार ने आगे जानकारी दी कि सीट बंटवारे को लेकर सभी नेताओं के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है और अगले दो दिनों में गठबंधन का पूरा खाका जनता के सामने रख दिया जाएगा।
आज सोमवार (29 दिसंबर, 2025) को पुणे में ‘वसंत दादा शुगर इंस्टीट्यूट’ की सालाना आम बैठक होने जा रही है। इस कार्यक्रम में शरद पवार पहुंच चुके हैं और जल्द ही अजित पवार व जयंत पाटिल के भी वहां पहुंचने की उम्मीद है। साल 2023 के विद्रोह के बाद यह कुछ गिने-चुने मौकों में से एक होगा, जब दोनों गुटों के दिग्गज नेता एक ही मंच पर बैठकर रणनीतिक चर्चा करेंगे।
पवार परिवार के इस मिलन ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। बीजेपी नेता नवनीत राणा ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा:
“अजित पवार हमेशा से शरद पवार के निर्देशों का पालन करते रहे हैं। वे शरद पवार की मर्जी से ही एनडीए में शामिल हुए थे। हमें खुशी है कि वे अब औपचारिक रूप से साथ दिख रहे हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि जल्द ही शरद पवार खुद भी एनडीए गठबंधन का हिस्सा बनेंगे।”
दूसरी ओर, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इस पर कटाक्ष किया है। शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि वे साथ आ सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र की जनता अब केवल ‘सरनेम’ (उपनाम) के आधार पर वोट नहीं देगी, बल्कि विकास को चुनेगी।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के बाद पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (PCMC) महाराष्ट्र का सबसे अमीर और महत्वपूर्ण नगर निकाय माना जाता है।
- इतिहास: 2017 से पहले तक यहाँ शरद पवार की अविभाजित एनसीपी का एकछत्र राज था।
- वर्तमान स्थिति: अजित पवार के पास फिलहाल ‘असली’ एनसीपी का दर्जा और ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह है, जबकि शरद पवार ‘तुतारी’ चिन्ह के साथ संघर्ष कर रहे हैं। इन दोनों के मिलने से विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) और सत्ताधारी महायुति के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
