20 Feb 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और ‘इंस्टेंट’ कल्चर के बीच युवाओं की जीवनशैली तेजी से बदली है। अक्सर देखा जाता है कि पहली नौकरी मिलते ही युवा अपनी सैलरी को महंगे स्मार्टफोन्स की ईएमआई (EMI), ब्रांडेड कपड़ों और हर महीने वेकेशन ट्रिप पर खर्च करने लगते हैं। इसे ‘लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन’ कहा जाता है, जहाँ आय बढ़ने के साथ खर्चे भी अनियंत्रित हो जाते हैं।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि 20 से 30 साल के बीच की उम्र निवेश के लिए सबसे शक्तिशाली समय होता है। इस दौरान की गई छोटी सी बचत ‘कंपाउंडिंग’ (Compounding) के जादू से भविष्य में करोड़ों का फंड बन सकती है। यदि आप भी 30 साल से कम उम्र के हैं, तो यहाँ दिए गए 4 स्टेप्स आपकी आर्थिक बुनियाद को पत्थर की तरह मजबूत बना सकते हैं।

इमरजेंसी फंड: आपका ‘सुरक्षा कवच’

जीवन अनिश्चितताओं से भरा है। स्वास्थ्य समस्या हो या अचानक नौकरी चले जाने का संकट, ऐसी स्थिति में बैंक बैलेंस न होने पर भारी मानसिक तनाव होता है।

  • रणनीति: अपने कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर पैसा एक अलग बैंक खाते या लिक्विड फंड में रखें।
  • फायदा: यह फंड आपको कर्ज (Loan) लेने से बचाता है और कठिन समय में आर्थिक स्वायत्तता प्रदान करता है।

निवेश को बनाएं अपनी आदत

निवेश केवल अमीरों के लिए नहीं है। आप ₹500 की SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) से भी शुरुआत कर सकते हैं।

  • जल्दी शुरू करने का लाभ: यदि आप 25 की उम्र में ₹5000 महीना निवेश शुरू करते हैं, तो 50 की उम्र तक आप उस व्यक्ति से कहीं ज्यादा अमीर होंगे जिसने 35 की उम्र में ₹15000 से शुरुआत की थी।
  • कहाँ निवेश करें: आप इंडेक्स फंड्स, म्यूचुअल फंड्स या पीपीएफ (PPF) जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

स्मार्ट बजटिंग का 50-30-20 नियम

हिस्साश्रेणीविवरण
50%जरूरतें (Needs)किराया, राशन, बिजली बिल, ट्रांसपोर्ट
30%इच्छाएं (Wants)बाहर खाना, ओटीटी सब्सक्रिप्शन, घूमना
20%बचत (Savings)निवेश, ईएमआई भुगतान, इमरजेंसी फंड

हर महीने का बजट और फिजूलखर्ची पर लगाम

बिना बजट के खर्च करना वैसा ही है जैसे बिना मैप के सफर करना।

  • ट्रैकिंग: मोबाइल ऐप्स या साधारण डायरी का इस्तेमाल करें और देखें कि आपका पैसा कहाँ जा रहा है।
  • टिप: किसी भी महंगी चीज को खरीदने से पहले ’30 दिन का नियम’ अपनाएं। अगर 30 दिन बाद भी आपको लगे कि वह जरूरी है, तभी खरीदें। इससे आप ‘इम्पल्सिव बाइंग’ (आवेश में आकर खरीदारी) से बच जाएंगे।

सिबिल स्कोर (CIBIL Score) को रखें फिट

आज के दौर में लोन और क्रेडिट कार्ड मिलना आपके सिबिल स्कोर पर निर्भर करता है।

  • समय पर भुगतान: अपने क्रेडिट कार्ड के बिल और छोटी-मोटी ईएमआई का भुगतान हमेशा ड्यू डेट से पहले करें।
  • सावधानी: क्रेडिट कार्ड को ‘फ्री मनी’ न समझें। अपनी लिमिट का केवल 30% ही इस्तेमाल करें। अच्छा सिबिल स्कोर भविष्य में आपको होम लोन या बिजनेस लोन कम ब्याज दरों पर दिलाने में मदद करेगा।

फाइनेंशियल प्लानिंग का मतलब कंजूसी करना नहीं, बल्कि अपने भविष्य के प्रति जिम्मेदार होना है। 30 साल की उम्र से पहले उठाए गए ये छोटे कदम आपको 40 और 50 की उम्र में वह आराम देंगे जिसकी कल्पना आज के युवा केवल सपना बनकर करते हैं। याद रखें, आप कितना कमाते हैं उससे ज्यादा यह मायने रखता है कि आप कितना बचाते हैं और उसे कहाँ लगाते हैं।

By News Scoop Desk

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