न्यूज स्कूप : देश की राजधानी दिल्ली में नए साल 2026 का आगाज खुशियों के बजाय खौफ के साथ हुआ है। जब पूरा शहर जश्न की तैयारी में डूबा था, अपराधी सड़कों पर तांडव मचा रहे थे। गुरुवार (1 जनवरी) की रात दिल्ली के चार अलग-अलग कोनों—मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, आदर्श नगर और नरेला में चार लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। एक ही रात में हुई इन सिलसिलेवार वारदातों ने दिल्ली पुलिस के गश्त और ‘हाई अलर्ट’ के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं।
मंगोलपुरी के डी-ब्लॉक में सबसे पहली वारदात हुई, जहाँ पुरानी रंजिश के चलते 6 हमलावरों ने 20 वर्षीय विकास कुमार को घेर लिया। हमलावरों ने विकास पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए। बीच-बचाव करने आए उसके साथी को भी लहूलुहान कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में 4 नाबालिगों सहित कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया है।
सुल्तानपुरी के सी-ब्लॉक में 15 साल के एक किशोर की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने तब और तूल पकड़ लिया जब परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि आरोपी विक्की ने पहले भी घर आकर धमकी दी थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी विक्रम को गिरफ्तार कर लिया है।
आदर्श नगर में 50 वर्षीय बिहारी लाल को अपनी जान केवल इसलिए गंवानी पड़ी क्योंकि उन्होंने लुटेरों का विरोध किया था। देर रात कुछ बदमाश बिहारी लाल को लूटने की नीयत से आए थे। विरोध करने पर बदमाशों ने सीने में चाकू घोंप दिया और फरार हो गए।
नरेला के लामपुर गांव से सबसे सनसनीखेज मामला सामने आया। सोनीपत के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र की हत्या कर उसके शव को खेत में ले जाकर जला दिया गया। पुलिस को मौके से अधजली लाश, एक मोबाइल और 500 रुपये के कुछ नोट मिले हैं। अंदेशा है कि लूटपाट के बाद पहचान छुपाने के लिए शव को जलाया गया।
नए साल के मौके पर दिल्ली पुलिस की ओर से भारी सुरक्षा और चप्पे-चप्पे पर गश्त का दावा किया गया था। ऐसे में एक ही रात में शहर के अलग-अलग हिस्सों में ये वारदातें होना पुलिसिया खुफिया तंत्र की विफलता को दर्शाती हैं।
राजधानी में बढ़ते अपराधों ने आम जनता के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। पुलिस को अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सक्रिय गश्त और प्रिवेंटिव एक्शन (निवारक कार्रवाई) पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है।
