न्यूज स्कूप : अपनी छत का सपना देखना और उसे पूरा करना हर भारतीय के जीवन का एक बड़ा लक्ष्य होता है। लेकिन आसमान छूती रियल एस्टेट की कीमतों के कारण, बिना होम लोन (Home Loan) के यह सपना पूरा करना लगभग नामुमकिन सा लगता है। अक्सर लोग घर पसंद कर लेते हैं और एडवांस भी दे देते हैं, लेकिन जब बैंक के पास लोन के लिए जाते हैं, तो उनका आवेदन रिजेक्ट हो जाता है।
बैंक लोन मंजूर करने से पहले आपकी वित्तीय सेहत की गहन जांच करते हैं। यदि आप भी निकट भविष्य में घर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको उन 4 महत्वपूर्ण स्तंभों (Pillars) को समझना होगा, जिन पर बैंक का फैसला टिका होता है।
बैंक के पास जैसे ही आपका आवेदन पहुँचता है, वे सबसे पहले आपका क्रेडिट या सिबिल स्कोर चेक करते हैं। यह स्कोर बताता है कि आपने पुराने लोन या क्रेडिट कार्ड के बिल समय पर चुकाए हैं या नहीं।
- प्रभाव: आमतौर पर 750 या उससे अधिक का स्कोर आदर्श माना जाता है।
- फायदा: अच्छा स्कोर न केवल लोन मिलने की संभावना बढ़ाता है, बल्कि बैंक आपको कम ब्याज दरों (Interest Rates) की पेशकश भी कर सकते हैं।
बैंक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आप हर महीने अपनी ईएमआई (EMI) चुका पाएंगे या नहीं।
- न्यूनतम आय: हर बैंक की अपनी एक न्यूनतम आय सीमा होती है। यदि आपकी सैलरी उस सीमा से कम है, तो आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
- लोन अमाउंट: आपकी आय का सीधा असर इस बात पर पड़ता है कि बैंक आपको कितनी बड़ी रकम उधार देगा।
बैंक उन ग्राहकों को लोन देना पसंद करते हैं जिनकी नौकरी स्थिर हो।
- जोखिम: यदि आप हर 6 महीने में नौकरी बदलते हैं या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं, तो बैंक को लगता है कि भविष्य में आपकी आय रुक सकती है।
- शर्त: अधिकांश बैंक चाहते हैं कि आप वर्तमान कंपनी में कम से कम 1 साल और कुल करियर में कम से कम 2-3 साल से कार्यरत हों।
आवेदन फॉर्म भरते समय कोई भी जानकारी छिपाना या गलत देना आपके लिए भारी पड़ सकता है। बैंक आपके पैन कार्ड, आधार और बैंक स्टेटमेंट के जरिए सब कुछ वेरिफाई करते हैं। यदि कहीं भी विसंगति (Mismatch) पाई गई, तो बैंक न केवल लोन रिजेक्ट करेगा बल्कि आपको ‘ब्लैकलिस्ट’ भी कर सकता है।
- Co-Applicant जोड़ें: यदि आपकी आय कम है, तो अपनी पत्नी या परिवार के किसी सदस्य को को-एप्लिकेंट बनाएं। इससे लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
- पुराने कर्ज चुकाएं: होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले छोटे-मोटे क्रेडिट कार्ड बकाया या पर्सनल लोन बंद कर दें।
- FOIR का ध्यान रखें: आपकी कुल ईएमआई आपकी इन-हैंड सैलरी के 40-50% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
निष्कर्ष: होम लोन लेना केवल एक कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आपकी वर्षों की वित्तीय अनुशासन की परीक्षा है। यदि आप ऊपर बताई गई 4 बातों का ध्यान रखते हैं, तो घर की चाबियाँ आपके हाथ में आने की राह आसान हो जाएगी।
