न्यूज स्कूप : वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके खिलाफ आर्थिक घेराबंदी शुरू हो गई है। दुनिया भर के बैंकों का केंद्र माने जाने वाले देश स्विट्जरलैंड ने 5 जनवरी 2026 को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए निकोलस मादुरो और उनके करीबियों की देश में मौजूद सभी संपत्तियों (Assets) को तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया है।
स्विट्जरलैंड सरकार की फेडरल काउंसिल के इस फैसले के बाद अब इन संपत्तियों को न तो बेचा जा सकेगा और न ही स्विट्जरलैंड से बाहर स्थानांतरित किया जा सकेगा। यह कदम वेनेजुएला में मचे भारी राजनीतिक उलटफेर के बीच ‘एहतियात’ के तौर पर उठाया गया है।
स्विट्जरलैंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक द्वेष के तहत नहीं, बल्कि भविष्य की कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए की गई है।
- सीमित दायरा: यह फैसला केवल मादुरो और उनके निजी करीबियों तक सीमित है। इसे वेनेजुएला की मौजूदा सरकार के अन्य सदस्यों पर लागू नहीं किया गया है।
- उद्देश्य: सरकार का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वेनेजुएला की अस्थिर स्थिति का फायदा उठाकर कोई भी अवैध संपत्ति स्विट्जरलैंड के वित्तीय तंत्र से बाहर न निकल सके।
स्विट्जरलैंड ने यह कड़ा फैसला FIAA (Foreign Illicit Assets Act) के तहत लिया है। यह कानून विशेष रूप से विदेशी नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को जब्त करने और बाद में उन्हें संबंधित देश की जनता को वापस करने के लिए बनाया गया है।
“सत्ता परिवर्तन हो चुका है और अब भविष्य में अवैध संपत्तियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय जांच हो सकती है। स्विट्जरलैंड यह सुनिश्चित करेगा कि यदि ये संपत्तियां गलत तरीके से कमाई गई हैं, तो इनका लाभ वेनेजुएला की जनता को मिले।” – फेडरल काउंसिल का बयान
स्विट्जरलैंड ने हमेशा की तरह अपनी ‘तटस्थ’ छवि को बरकरार रखते हुए वेनेजुएला के संकट में मध्यस्थता की पेशकश भी की है। फेडरल काउंसिल ने सभी पक्षों से:
- संयम बरतने और बल प्रयोग से बचने का आह्वान किया है।
- अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है।
- शांतिपूर्ण समाधान के लिए स्विट्जरलैंड में वार्ता आयोजित करने का विकल्प दिया है।
स्विट्जरलैंड की यह कार्रवाई मादुरो के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य यूरोपीय देश भी उनकी संपत्तियों को फ्रीज करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं या नहीं। फिलहाल, स्विट्जरलैंड ने वेनेजुएला के भविष्य के संसाधनों की सुरक्षा की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा दिया है।
