न्यूज स्कूप : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की तबीयत अब पूरी तरह स्थिर है। उन्हें सोमवार, 5 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे दिल्ली के प्रसिद्ध सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष डॉ. अजय स्वरूप ने बताया कि सोनिया गांधी को सांस लेने में कुछ कठिनाई महसूस हो रही थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल निगरानी में लाया गया। वर्तमान में वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत की बारीकी से निगरानी कर रही है।
अस्पताल द्वारा जारी प्राथमिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में बढ़ती कड़ाके की ठंड और खतरनाक वायु प्रदूषण के कारण सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी।
- ब्रोंकियल अस्थमा: सोनिया गांधी पहले से ही ब्रोंकियल अस्थमा से पीड़ित रही हैं। प्रदूषण और ठंडी हवाओं के मिश्रण ने इस समस्या को बढ़ा दिया, जिससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
- एहतियाती कदम: डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करने का फैसला लिया ताकि प्रदूषण से दूर एक नियंत्रित वातावरण में उनका इलाज किया जा सके।
डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि सोनिया गांधी की हालत अब खतरे से बाहर है। उन्हें आवश्यक एंटीबायोटिक्स और अन्य जीवन रक्षक दवाइयां दी जा रही हैं।
“इलाज का उन पर बहुत अच्छा असर हो रहा है। उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और वे अब काफी सहज महसूस कर रही हैं। यदि सुधार की यही गति रही, तो एक-दो दिन के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।” – अस्पताल प्रशासन
सोनिया गांधी पिछले कुछ सालों से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं:
- जून 2025: पेट में संक्रमण के कारण उन्हें सर गंगाराम अस्पताल के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था।
- शिमला दौरा: जून 2025 में ही शिमला में छुट्टियां मनाने के दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में दिल्ली लाया गया था।
- वे नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच के लिए विदेशों में भी जाती रही हैं।
सोनिया गांधी की सेहत में सुधार की खबर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राहत की सांस ली है। दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डॉक्टर उन्हें कुछ समय तक पूरी तरह आराम करने और बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दे सकते हैं।
