न्यूज स्कूप : उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को उस समय सनसनी फैल गई, जब मऊ रेलवे स्टेशन पर खड़ी काशी एक्सप्रेस (15018) में बम होने की सूचना मिली। गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) जा रही इस ट्रेन में बम की खबर मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया।
स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बनते ही यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल सख्त कदम उठाए गए। ट्रेन के पहुँचते ही भारी पुलिस बल ने पूरे प्लेटफॉर्म को अपने घेरे में ले लिया।
बम की सूचना मिलते ही मऊ के एसपी इलामारन और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस, जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम स्टेशन पर पहुँच गई।
- ट्रेन खाली कराई गई: यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए काशी एक्सप्रेस की हर बोगी को तुरंत खाली कराया गया।
- सुरक्षित घेराबंदी: कोतवाल अनिल कुमार सिंह की देखरेख में यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर पहुँचाया गया और प्लेटफॉर्म नंबर पर आवाजाही रोक दी गई।
- बम स्क्वायड: डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) ने ट्रेन की हर बोगी, टॉयलेट और सीट के नीचे बारीकी से तलाशी शुरू कर दी है।
अचानक हुई इस कार्रवाई और बम की अफवाह से यात्रियों में दहशत फैल गई। कई लोग अपना सामान छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने लगातार अनाउंसमेंट कर यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर यह पूरी जांच प्रक्रिया अपनाई जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
ट्रेन में बम होने की सूचना में कितनी सच्चाई है, यह विस्तृत जांच और क्लियरेंस के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल के महीनों में भारतीय रेलवे में ऐसी कई ‘हॉक्स कॉल’ (झूठी सूचनाएं) आई हैं। पूर्व में 30 नवंबर 2025 को झांसी में भी एक यात्री ने विवाद के बाद गलत सूचना दी थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह सूचना किसने और कहाँ से दी थी।
सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल ट्रेन की बारीकी से जांच कर रही हैं। जब तक बम स्क्वायड ‘ऑल क्लियर’ (All Clear) रिपोर्ट नहीं दे देता, तब तक ट्रेन को आगे रवाना नहीं किया जाएगा। स्टेशन परिसर में अभी भी भारी पुलिस बल तैनात है।
