न्यूज स्कूप : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर अपनी चिर-परिचित शैली में जनता के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री इसी महीने मकर संक्रांति के बाद ‘बिहार यात्रा’ पर निकल सकते हैं। इस यात्रा के माध्यम से वे न केवल सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे, बल्कि 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद पहली बार सीधे तौर पर राज्य की जनता का आभार भी व्यक्त करेंगे।
मुख्यमंत्री सचिवालय जल्द ही इस यात्रा की आधिकारिक तिथियों और रूट चार्ट का ऐलान कर सकता है। इस बीच, राज्य के सभी जिलों में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं।
नीतीश कुमार की इस प्रस्तावित यात्रा का मकसद केवल जनसंपर्क नहीं, बल्कि शासन की गुणवत्ता (Quality of Governance) की जांच करना भी है।
- समीक्षा: मुख्यमंत्री पिछली ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान किए गए वादों और घोषणाओं की धरातल पर स्थिति जानेंगे।
- सात निश्चय-3: सरकार की महात्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘इज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) जैसे अहम बिंदुओं पर जिलों में क्या काम हुआ है, मुख्यमंत्री इसकी खुद समीक्षा करेंगे।
- लोकार्पण और सौगातें: कई जिलों में पूरी हो चुकी योजनाओं का उद्घाटन होगा और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए नई घोषणाओं की भी संभावना है।
नीतीश कुमार को ‘यात्राओं का मुख्यमंत्री’ भी कहा जाता है। साल 2005 से अब तक उन्होंने कई महत्वपूर्ण यात्राएं की हैं:
| वर्ष/क्रम | यात्रा का नाम | उद्देश्य |
| 2005-2024 | न्याय, विकास, धन्यवाद, प्रवास यात्रा | जनता से सीधा जुड़ाव और फीडबैक |
| 2019-2022 | जल-जीवन-हरियाली, समाज सुधार यात्रा | पर्यावरण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ |
| 2023-2024 | समाधान और प्रगति यात्रा | योजनाओं की समीक्षा और समस्याओं का हल |
| जनवरी 2026 | बिहार यात्रा (प्रस्तावित) | चुनाव बाद आभार और विकास की समीक्षा |
मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए बिहार के सभी जिलों के डीएम (DM) और एसपी (SP) को अलर्ट कर दिया गया है।
- समीक्षा बैठकें: जिलों में मुख्यमंत्री अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
- जनता से संवाद: यात्रा के दौरान ‘जनता दरबार’ जैसी व्यवस्था भी हो सकती है जहाँ सीएम सीधे लोगों की समस्याएं सुनेंगे।
- तैयारियां: जिन सड़कों और क्षेत्रों से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरेगा, वहां सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
- 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली बड़ी जीत के बाद नीतीश कुमार का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा 2026 के आगामी लक्ष्यों को साधने और विपक्ष के दावों को कमजोर करने की एक स्ट्रैटेजी भी है। जनता के बीच जाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी सरकार ‘काम की सरकार’ है और विकास की रफ्तार रुकने वाली नहीं है।
नीतीश कुमार की यह यात्रा बिहार की राजनीति और प्रशासन के लिए आने वाले महीनों की दिशा तय करेगी। मकर संक्रांति के बाद जब ‘दही-चूड़ा’ की राजनीति शांत होगी, तब नीतीश कुमार का काफिला विकास का जायजा लेने सड़कों पर होगा।
