न्यूज स्कूप : स्मार्टफोन आज हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही—जैसे बारिश में भीगना या गलती से पानी के गिलास में गिर जाना—इसे बेकार कर सकती है। पानी में गिरते ही फोन का बंद होना, टच स्क्रीन का काम न करना या स्पीकर से अजीब आवाजें आना आम है। ऐसे समय में अक्सर लोग हड़बड़ाहट में गलतियां कर बैठते हैं, जिससे फोन हमेशा के लिए खराब हो जाता है।
यदि आपका फोन पानी में गिर गया है, तो सर्विस सेंटर भागने से पहले आप घर पर ही कुछ इमरजेंसी स्टेप्स उठाकर उसे सुरक्षित बचा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
- तुरंत पावर ऑफ करें: जैसे ही फोन पानी से बाहर निकालें, यदि वह ऑन है तो उसे तुरंत स्विच ऑफ कर दें। ऑन रहने पर पानी सर्किट तक पहुँचकर ‘शॉर्ट सर्किट’ कर सकता है।
- एक्सेसरीज हटाएं: अगर फोन पर कवर लगा है, सिम कार्ड ट्रे, मेमोरी कार्ड या ईयरफोन लगा है, तो उसे तुरंत निकाल दें। इससे हवा अंदर जाने का रास्ता मिलेगा।
- झटका न दें: फोन को जोर से हिलाएं या झटकें नहीं, ऐसा करने से पानी अंदर की ओर और गहराई तक जा सकता है।
अक्सर गीले फोन को सूखे चावल के डिब्बे में रखने की सलाह दी जाती है।
- सच: चावल नमी सोखता है, लेकिन यह केवल बाहरी या हल्की नमी के लिए प्रभावी है।
- खतरा: चावल के छोटे कण या उसका पाउडर फोन के चार्जिंग पोर्ट या हेडफोन जैक में फंसकर नई समस्या पैदा कर सकते हैं।
- बेहतर विकल्प: चावल से कहीं ज्यादा प्रभावी सिलिका जेल (Silica Gel) के पाउच होते हैं, जो अक्सर जूतों या नए बैग्स के डिब्बों में मिलते हैं।
फोन को सुखाने के बाद उसे तुरंत ऑन करने की कोशिश न करें। कम से कम 24 से 48 घंटे तक फोन को पूरी तरह सूखने दें। अगर अंदर थोड़ी भी नमी बची रही और आपने पावर बटन दबाया या चार्जर लगाया, तो फोन का मदरबोर्ड जल सकता है, जिसे ठीक कराना बहुत महंगा पड़ता है।
यदि इन उपायों के बाद भी:
- फोन ऑन नहीं हो रहा है।
- डिस्प्ले के अंदर पानी की बूंदें या ‘धब्बे’ दिख रहे हैं।
- कैमरा लेंस के अंदर धुंध (Fog) जमी है।
- स्पीकर या माइक्रोफोन काम नहीं कर रहा है।
ऐसी स्थिति में फोन को खुद खोलने की कोशिश न करें और तुरंत ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर ले जाएं। पानी से होने वाली जंग (Corrosion) धीरे-धीरे बढ़ती है, इसलिए प्रोफेशनल क्लीनिंग जरूरी हो जाती है।
