न्यूज स्कूप : हिमाचल प्रदेश का मनाली (Manali) एक ऐसा नाम है जो हर टूरिस्ट की बकेट लिस्ट में सबसे ऊपर होता है। चाहे हनीमून कपल हों, एडवेंचर के शौकीन हों या सोलांग वैली में बर्फबारी का मजा लेने वाले परिवार—मनाली में पूरे साल पर्यटकों का तांता लगा रहता है। लेकिन बढ़ती लोकप्रियता के साथ यहाँ भीड़ और ट्रैफिक भी बढ़ गया है।
अगर आप इस बार मनाली जा रहे हैं और कुछ ऐसी जगहों की तलाश में हैं जहाँ प्रकृति अपनी शुद्धतम अवस्था में हो और शांति का वास हो, तो आपको मुख्य शहर से थोड़ा बाहर निकलना होगा। आज हम आपको मनाली के पास की ऐसी 4 ऑफबीट (Offbeat) जगहों के बारे में बताएंगे, जो किसी रहस्यमयी जन्नत से कम नहीं हैं।
मनाली से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सजला गांव आपको पुराने हिमाचल की याद दिलाता है। यहाँ की पारंपरिक लाइफस्टाइल और लकड़ी के नक्काशीदार घर आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे।
- खासियत: यहाँ का मुख्य आकर्षण सजला वाटरफॉल (Sajla Waterfall) है। सेब के बागों के बीच से होकर झरने तक पहुँचने का रास्ता बहुत ही खूबसूरत है। यहाँ भगवान विष्णु का एक प्राचीन मंदिर भी है।
- कैसे पहुँचें: मनाली से लोकल बस या टैक्सी के जरिए आसानी से पहुँच सकते हैं।
सैंज वैली में स्थित शांघड़ गांव अब धीरे-धीरे ऑफबीट ट्रैवलर्स की पहली पसंद बन रहा है। यहाँ के विशाल घास के मैदान (Meadows) देखकर आपको स्विट्जरलैंड जैसा अहसास होगा।
- खासियत: यहाँ का शंगचुल महादेव मंदिर और मैदानों की शांति मन को सुकून देती है। यहाँ का वातावरण इतना शुद्ध है कि आप घंटों यहाँ बैठकर प्रकृति को निहार सकते हैं।
- कैसे पहुँचें: मनाली से टैक्सी या बस से सैंज वैली पहुँचें और फिर वहाँ से शांघड़ के लिए वाहन लें।
मनाली-लेह हाईवे (NH3) पर स्थित रानी नाला अक्सर रोहतांग पास जाने वाले लोगों की नजरों से बच जाता है। यह जगह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बर्फ की सफेद चादर और पहाड़ों से गिरते ठंडे पानी को करीब से देखना चाहते हैं।
- खासियत: यहाँ की हरियाली और शांति पिकनिक के लिए परफेक्ट है। यहाँ आप कुछ देर बैठकर प्रकृति के संगीत का आनंद ले सकते हैं।
- कैसे पहुँचें: रोहतांग जाने वाली किसी भी टैक्सी या अपनी निजी गाड़ी से यहाँ रुक सकते हैं।
समुद्र तल से लगभग 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पांडू रोपा उन लोगों के लिए है जो थोड़ा एडवेंचर पसंद करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान का संबंध पांडवों से रहा है।
- खासियत: यह जगह घने देवदार के जंगलों और एकांत से भरी है। यहाँ पहुँचने के लिए की जाने वाली ट्रेकिंग आपको हिमालय की असली सुंदरता से रूबरू कराएगी।
- कैसे पहुँचें: मनाली से वशिष्ठ की ओर से यहाँ के लिए ट्रेकिंग मार्ग शुरू होता है।
अगली बार जब आप मनाली की योजना बनाएं, तो मॉल रोड और सोलांग वैली के आगे भी सोचें। ये ऑफबीट जगहें न केवल आपकी यात्रा को यादगार बनाएंगी, बल्कि आपको वह मानसिक शांति भी देंगी जिसकी तलाश में आप पहाड़ों पर आते हैं।
