न्यूज स्कूप : केंद्र सरकार और एलन मस्क के स्वामित्व वाली सोशल मीडिया दिग्गज एक्स (X) के बीच विवाद गहराता जा रहा है। अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट, विशेष रूप से एआई टूल ‘ग्रोक’ (Grok AI) के जरिए बनाए जा रहे सेक्शुअली-एक्सप्लिसिट कंटेंट के मुद्दे पर एक्स ने सरकार को अपना जवाब सौंपा है। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) इस जवाब से कतई संतुष्ट नहीं है। मंत्रालय का मानना है कि एक्स की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और कंपनी भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन नहीं कर रही है।
विवाद की जड़ एलन मस्क का अपना एआई टूल ‘ग्रोक’ है।
- दुरुपयोग: रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रोक का उपयोग करके महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों को बिना सहमति के बदलकर अश्लील कंटेंट बनाया जा रहा है।
- वैश्विक जांच: भारत के साथ-साथ यूके (UK) और यूरोपीय देशों में भी इस एआई टूल की नैतिकता और सुरक्षा को लेकर जांच शुरू हो चुकी है।
- कानूनी उल्लंघन: भारत सरकार का कहना है कि यह IT Act 2000 और IT Rules 2021 का सीधा उल्लंघन है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अवैध कंटेंट हटाने के लिए उत्तरदायी बनाते हैं।
| तारीख | घटना |
| 2 जनवरी 2026 | MEITY ने X को नोटिस जारी कर 72 घंटे में एक्शन रिपोर्ट मांगी। |
| 5 जनवरी 2026 | X ने सरकार को अपना जवाब (ATR) सौंपा। |
| 7-8 जनवरी 2026 | मंत्रालय ने जवाब को असंतोषजनक बताया और आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी। |
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, एक्स का जवाब काफी सामान्य है और इसमें ठोस कदम उठाने के बजाय केवल आश्वासन दिए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे एक्स से और अधिक विस्तृत जानकारी मांग सकते हैं।
मंत्रालय का रुख: “हम X द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं। हम डिजिटल सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। यदि ग्रोक का उपयोग अपराध के लिए हो रहा है, तो इसकी जवाबदेही प्लेटफॉर्म की होगी।”
दबाव बढ़ता देख, एक्स ने अपनी पॉलिसी में कुछ बदलावों का संकेत दिया है। कंपनी ने कहा है कि:
- परमानेंट बैन: जो यूजर्स Grok AI का इस्तेमाल अश्लील या अवैध कंटेंट बनाने के लिए करेंगे, उनका अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
- कानूनी सहयोग: एक्स ने दावा किया है कि वह स्थानीय सरकारों और कानूनी एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने और जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है।
- फिल्टरिंग: कंपनी ग्रोक में नए सेफ्टी फिल्टर्स जोड़ने पर काम कर रही है ताकि आपत्तिजनक प्रॉम्प्ट्स को ब्लॉक किया जा सके।
हालांकि अभी तक ‘बैन’ की कोई आधिकारिक बात नहीं हुई है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यदि एक्स ने IT Rules 2021 के ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbor) नियमों का पालन नहीं किया, तो कंपनी को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा खत्म हो सकती है। इसका मतलब है कि प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए किसी भी अवैध कंटेंट के लिए एक्स के अधिकारियों पर सीधे मुकदमे दर्ज हो सकेंगे।
डिजिटल सुरक्षा और एआई के नैतिक उपयोग को लेकर भारत सरकार का कड़ा रुख अन्य टेक कंपनियों के लिए भी एक संदेश है। अब देखना यह होगा कि एलन मस्क की कंपनी सरकार की मांगों को पूरा करने के लिए क्या नया हल निकालती है।
