न्यूज स्कूप : बदलती जीवनशैली और बढ़ती महंगाई के दौर में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक लोन (Bank Loan) आज एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। चाहे सपनों का घर (Home Loan) खरीदना हो, पसंदीदा कार (Car Loan) लेनी हो या अचानक आई किसी जरूरत के लिए पर्सनल लोन का सहारा लेना हो, बैंक हमारे वित्तीय लक्ष्यों को आसान बनाते हैं।
अक्सर लोग यह मानकर चलते हैं कि यदि उनका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) अच्छा है और महीने की तनख्वाह (Salary) मोटी है, तो बैंक उन्हें तुरंत लोन थमा देगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार ‘परफेक्ट प्रोफाइल’ होने के बावजूद बैंक लोन आवेदन को खारिज कर देते हैं? दरअसल, बैंक आपकी इनकम और स्कोर के अलावा आपकी वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) की भी गहराई से जांच करते हैं। आइए जानते हैं वे कौन से फैक्टर्स हैं, जिन पर बैंक की नजर सबसे पहले पड़ती है।
बैंक आपको पैसे उधार देने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आप उसे समय पर लौटा पाएंगे या नहीं। इसके लिए वे आपकी ‘कैश फ्लो’ (Cash Flow) का विश्लेषण करते हैं:
- खर्च और बचत का अनुपात (Expense-to-Savings Ratio): बैंक सिर्फ यह नहीं देखते कि आप कितना कमाते हैं, बल्कि यह भी देखते हैं कि आप बचाते कितना हैं। यदि आपकी इनकम 1 लाख रुपये है लेकिन हर महीने 95 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं, तो बैंक आपको ‘जोखिम भरा ग्राहक’ मानेगा। इसके विपरीत, कम कमाने वाला व्यक्ति जो नियमित बचत करता है, उसे बैंक आसानी से लोन दे देते हैं।
- अकाउंट स्टेटमेंट का विश्लेषण (Bank Statement Analysis): आपके पिछले 6 महीनों का बैंक स्टेटमेंट आपकी पूरी लाइफस्टाइल का आईना होता है। बैंक देखते हैं कि क्या आपके खाते में पैसे आते ही तुरंत निकल जाते हैं? क्या आपके पास महीने के अंत में कुछ बैलेंस बचता है? बार-बार चेक बाउंस होना या खाते में मिनिमम बैलेंस न रखना आपके लोन को रिजेक्ट करवा सकता है।
- मौजूदा कर्ज का बोझ (Debt-to-Income Ratio): यदि आपकी कमाई का 50% से ज्यादा हिस्सा पहले से चल रहे लोन की EMI में जा रहा है, तो बैंक नया लोन देने से बचेंगे। बैंक चाहते हैं कि आपकी कुल EMI आपकी टेक-होम सैलरी के 30% से 40% से अधिक न हो।
बैंक लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपने अकाउंट को ‘क्लीन’ रखें। छोटे-छोटे अनचाहे सब्सक्रिप्शन और अनावश्यक ऑनलाइन शॉपिंग के खर्चों को नियंत्रित करें। यदि आपके पास कई क्रेडिट कार्ड हैं, तो उनमें से कुछ को बंद कर दें जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, क्योंकि यह आपके कुल कर्ज की क्षमता (Credit Capacity) पर असर डालते हैं।
लोन मिलना केवल एक नंबर (सिबिल स्कोर) का खेल नहीं है, बल्कि यह आपके संपूर्ण वित्तीय व्यवहार का परिणाम है। यदि आप अनुशासित तरीके से खर्च करते हैं और बचत पर ध्यान देते हैं, तो बैंक खुद आपके पास लोन के ऑफर्स लेकर आएंगे।
