न्यूज स्कूप : मकर संक्रांति का पावन पर्व भारतीय संस्कृति में केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति और ज्योतिष के एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। आज, 15 जनवरी 2026 को पूरा देश मकर संक्रांति और सूर्य के उत्तरायण होने का उत्सव मना रहा है। ज्योतिष शास्त्र में उत्तरायण (Uttarayan) के समय को बेहद शुभ, पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर माना गया है।
मान्यता है कि जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर उत्तर की ओर अग्रसर होते हैं, तो ब्रह्मांड में दैवीय शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में कई माता-पिता के मन में यह जिज्ञासा होती है कि इस शुभ काल में जन्म लेने वाले बच्चों का भविष्य और व्यक्तित्व कैसा होगा? आइए ज्योतिषीय नजरिए से जानते हैं उत्तरायण में जन्म लेने वाले बच्चों के भाग्य से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण के छह महीनों को ‘देवताओं का दिन’ कहा जाता है, जबकि दक्षिणायन को ‘देवताओं की रात्रि’। यह समय अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है। यही कारण है कि इस दौरान जन्म लेने वाले बच्चों पर सूर्य देव की विशेष कृपा मानी जाती है।
उत्तरायण में जन्मे बच्चे स्वभाव से बहुत बुद्धिमान और चतुर होते हैं। इनमें चीजों को तेजी से समझने की अद्भुत क्षमता होती है। ये बच्चे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अपनी सहज जिज्ञासा के कारण हर विषय की गहराई तक जाना पसंद करते हैं। इनका तार्किक कौशल (Logical Reasoning) अन्य बच्चों से बेहतर होता है।
चूंकि इस समय सूर्य का प्रभाव उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा होता है, इसलिए इन बच्चों के व्यक्तित्व में एक स्वाभाविक चमक और आकर्षण होता है। ये न केवल दिखने में प्रभावशाली होते हैं, बल्कि अपनी वाणी और गुणों से भी लोगों का दिल जीत लेते हैं। समाज में इन्हें मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बहुत सहजता से प्राप्त हो जाती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस काल में जन्मे जातकों का मन आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों में अधिक लगता है। ये सिद्धांतों के पक्के होते हैं और हमेशा सत्य का साथ देते हैं। परोपकार करना और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना इनके स्वभाव का अभिन्न हिस्सा होता है।
उत्तरायण में जन्म लेने वाले बच्चे साहसी और निडर होते हैं। चुनौतियों से घबराना इनके स्वभाव में नहीं होता। इनमें नेतृत्व (Leadership) के गुण कूट-कूट कर भरे होते हैं। ये भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपना रास्ता खुद बनाना पसंद करते हैं और अक्सर बड़े पदों पर आसीन होते हैं।
माना जाता है कि उत्तरायण काल नई शुरुआत और प्रचुरता का समय है। इसलिए, इस अवधि में जन्म लेने वाले बच्चों के जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं की कमी नहीं रहती। करियर के मामले में ये बहुत मेहनती होते हैं और इन्हें अपनी मेहनत का फल जल्दी मिलता है। ये अक्सर प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति या बड़े व्यापार में सफल होते हैं।
| विशेष गुण | ज्योतिषीय प्रभाव |
| स्वभाव | शांत, शालीन और सिद्धांतवादी |
| बुद्धि | तीव्र और विश्लेषणात्मक (Analytical) |
| भाग्य | सूर्य देव की कृपा से उच्च पद की प्राप्ति |
| सामाजिक जीवन | मान-सम्मान और लोकप्रियता |
ज्योतिष शास्त्र कहता है कि यद्यपि उत्तरायण में जन्म लेना अत्यंत शुभ है, लेकिन बच्चों के इन गुणों को निखारने के लिए माता-पिता को उन्हें सही मार्गदर्शन देना चाहिए। सूर्य देव की विशेष कृपा बनाए रखने के लिए इन बच्चों को बचपन से ही सूर्य को जल देने और बड़ों का सम्मान करने के संस्कार देने चाहिए।
उत्तरायण काल में जन्म लेना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। सूर्य की बढ़ती ऊर्जा इन बच्चों को जीवन भर संबल और प्रकाश प्रदान करती है। ये बच्चे न केवल अपने परिवार का नाम रोशन करते हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक मार्गदर्शक के रूप में उभरते हैं।
