न्यूज स्कूप : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में Google ने एक बार फिर लंबी छलांग लगाई है। गूगल ने अपने फ्लैगशिप वीडियो जनरेशन मॉडल Veo 3.1 को एक बड़े और महत्वपूर्ण अपग्रेड के साथ पेश किया है। यह नया अपडेट न केवल वीडियो की विजुअल क्वालिटी को सुधारता है, बल्कि कंटेंट क्रिएटर्स की सबसे बड़ी समस्या— कैरेक्टर कंसिस्टेंसी (Character Consistency) और वर्टिकल फॉर्मेट —का भी समाधान लेकर आया है।
अब क्रिएटर्स को अपनी कल्पना को हकीकत में बदलने के लिए लंबे-चौड़े प्रॉम्प्ट लिखने की जरूरत नहीं होगी। Veo 3.1 को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह छोटे निर्देशों को भी बारीकी से समझकर सिनेमैटिक आउटपुट देने में सक्षम है।
सोशल मीडिया के दौर में Instagram Reels, YouTube Shorts और TikTok का दबदबा है। पहले AI मॉडल अक्सर लैंडस्केप (16:9) फॉर्मेट में वीडियो बनाते थे, जिन्हें क्रॉप करने पर क्वालिटी खराब हो जाती थी।
- 9:16 आस्पेक्ट रेशियो: Veo 3.1 में अब नेटिव वर्टिकल वीडियो सपोर्ट दिया गया है।
- नो क्रॉपिंग: अब वीडियो सीधे मोबाइल-फ्रेंडली फॉर्मेट में जनरेट होंगे, जिससे क्रिएटर्स को एडिटिंग और क्रॉपिंग के झंझट से मुक्ति मिलेगी और वीडियो की क्वालिटी भी बरकरार रहेगी।
गूगल का चर्चित Ingredients to Video फीचर इस अपडेट के बाद और भी पावरफुल हो गया है।
- इमेज से वीडियो: अब आप सिर्फ एक रेफरेंस इमेज और छोटा सा टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देकर बेहतरीन क्लिप बना सकते हैं।
- स्मार्ट प्रॉम्प्टिंग: पहले जहां बहुत डिटेल में सीन समझाना पड़ता था, अब Veo 3.1 कम शब्दों में भी कहानी, डायलॉग और कैमरा एंगल्स को खुद ही ऑप्टिमाइज कर लेता है।
- सिनेमैटिक फील: इसमें लाइटिंग, शेड्स और टेक्सचर पर खास काम किया गया है, जिससे AI जनरेटेड वीडियो बिल्कुल असली लगते हैं।
AI वीडियो जनरेशन में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि एक सीन से दूसरे सीन में जाने पर कैरेक्टर का चेहरा या कपड़े बदल जाते थे।
- स्टेबल लुक: गूगल का दावा है कि Veo 3.1 में कैरेक्टर कंसिस्टेंसी को जबरदस्त मजबूती दी गई है। पूरे वीडियो के दौरान कैरेक्टर का लुक, बैकग्राउंड और प्रॉप्स एक जैसे बने रहेंगे।
- स्टोरीटेलिंग आसान: इस फीचर की मदद से छोटे-छोटे क्लिप्स को जोड़कर एक लंबी और एकसार कहानी (Long-form Storytelling) बनाना अब संभव हो गया है।
| फीचर | विवरण |
| रिजॉल्यूशन | 1080p (Native) और 4K अपस्केलिंग का विकल्प। |
| आस्पेक्ट रेशियो | 9:16 (वर्टिकल) और 16:9 (लैंडस्केप) दोनों उपलब्ध। |
| उपलब्धता | YouTube Create, Gemini App, और YouTube Shorts। |
| डेवलपर एक्सेस | Gemini API, Vertex AI और Google Vids। |
नया Veo 3.1 मॉडल अब गूगल के इकोसिस्टम में गहराई से जुड़ चुका है। क्रिएटर्स इसका अनुभव YouTube Create ऐप और Gemini ऐप के जरिए कर सकते हैं। वहीं, प्रोफेशनल्स और डेवलपर्स के लिए इसे Vertex AI और Google Vids के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। गूगल ने वीडियो आउटपुट में क्लैरिटी बढ़ाने के लिए एडवांस एनकोडिंग का इस्तेमाल किया है, जिससे 1080p वीडियो पहले के मुकाबले ज्यादा शार्प दिखते हैं।
गूगल Veo 3.1 का यह अपडेट सीधे तौर पर OpenAI के ‘Sora’ को चुनौती दे रहा है। वर्टिकल वीडियो सपोर्ट और कैरेक्टर स्टेबिलिटी के साथ गूगल ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि भविष्य में कंटेंट क्रिएशन पूरी तरह से AI-संचालित होने वाला है।
