द लोकतंत्र : छत्तीसगढ़ की राजधानी में शब्दों, विचारों और संस्कृति का संगम होने जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को ‘रायपुर साहित्य उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय महोत्सव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करना है।
इस भव्य आयोजन में देश-प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकार, विचारक और कलाकार हिस्सा लेंगे। तीन दिनों के भीतर कुल 42 साहित्यिक सत्रों का आयोजन होगा, जो वर्तमान समय की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक आवश्यकताओं पर संवाद का माध्यम बनेंगे।
साहित्य उत्सव की शाम को कला और रंगमंच के नाम किया जाएगा:
- चाणक्य नाटक: 23 जनवरी की शाम 7 बजे प्रख्यात अभिनेता मनोज जोशी द्वारा कालजयी ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा।
- दिग्गज हस्तियां: ‘महाभारत’ में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज और मशहूर फिल्म निर्देशक अनुराग बसु भी इस उत्सव का हिस्सा बनेंगे।
- काव्य-पाठ: 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन होगा।
उत्सव के सत्रों के लिए चार भव्य मंडप बनाए गए हैं, जिनका नामकरण छत्तीसगढ़ के गौरवशाली साहित्यकारों के नाम पर किया गया है:
- मुख्य मंडप: विनोद कुमार शुक्ल (ज्ञानपीठ पुरस्कृत)।
- दूसरा मंडप: पं. श्यामलाल चतुर्वेदी।
- तीसरा मंडप: लाला जगदलपुरी (बस्तर के गौरव)।
- चौथा मंडप: अनिरुद्ध नीरव।
विमर्श के विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, सिनेमा और समाज, जनजातीय साहित्य, डिजिटल युग में लेखन और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल रहेंगे।
साहित्य प्रेमियों के लिए आयोजन स्थल पर एक विशाल पुस्तक मेला लगाया जा रहा है। इसमें राजकमल, प्रभात, हिन्द युग्म और राजपाल जैसे 15 से अधिक राष्ट्रीय प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन करेंगे।
- लोकल टैलेंट: स्थानीय युवाओं और लोक कलाकारों के लिए एक ‘टैलेंट ज़ोन’ बनाया गया है, जहां वे काव्य-पाठ, कहानी-पाठ और लोकनृत्य की प्रस्तुति दे सकेंगे।
- विकास प्रदर्शनी: पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास पर आधारित एक आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
| सुविधा | विवरण |
| बस सेवा | 20 निःशुल्क बसें (रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित 6 मार्गों पर) |
| भोजन | छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के 15 फूड स्टॉल |
| सुरक्षा एवं प्रबंधन | 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी मुस्तैद |
| प्रतियोगिता | प्रतिदिन क्विज और पुरस्कार वितरण |
प्रशासन द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध और तेलीबांधा जैसे प्रमुख स्थानों से 20 निःशुल्क बसें संचालित की जाएंगी। 21 जनवरी तक सभी तैयारियां पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आगंतुकों को पेयजल, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं में कोई परेशानी न हो।
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 केवल लेखकों का मिलन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में अध्ययन और सृजनशीलता के प्रति रुचि जगाने का एक महाभियान है। छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्वाद और साहित्य की खुशबू के बीच यह उत्सव प्रदेश की बौद्धिक चेतना का प्रतीक बनेगा।
