20 Feb 2026, Fri
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द लोकतंत्र : हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश जयंती (Ganesh Jayanti) के रूप में मनाया जाता है। आज 22 जनवरी 2026 को यह पावन पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इसे ‘माघ विनायक चतुर्थी’ भी कहा जाता है।

गणेश जी ‘विघ्नहर्ता’ हैं, जो अपने भक्तों के सभी दुखों और बाधाओं को हर लेते हैं। हालांकि, शास्त्रों में इस दिन की पूजा को लेकर कुछ कड़े नियम और वर्जनाएं बताई गई हैं। यदि इन सावधानियों का पालन न किया जाए, तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।

गणेश जयंती पर भूलकर भी न करें ये 4 काम!

  1. चंद्र दर्शन से बचें (सबसे महत्वपूर्ण): गणेश जयंती की रात्रि को चंद्रमा देखना सख्त वर्जित है। पौराणिक कथा के अनुसार, चंद्रमा ने एक बार गणेश जी के स्वरूप का उपहास किया था, जिसके बाद उन्हें श्राप मिला कि जो भी इस दिन चांद देखेगा, उस पर ‘मिथ्या कलंक’ (झूठा आरोप) लगेगा।
  2. तुलसी का प्रयोग न करें: भगवान गणेश की पूजा में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल कभी नहीं करना चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक विवाद के कारण गणेश जी ने तुलसी को अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था। उन्हें केवल दूर्वा (हरी घास) ही प्रिय है।
  3. गणेश जी की पीठ के दर्शन: पूजा के दौरान हमेशा बप्पा के मुख की ओर ध्यान दें। शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी की पीठ के दर्शन करना अशुभ माना जाता है क्योंकि वहां दरिद्रता का वास माना गया है।
  4. अंधेरे में पूजा: पूजा स्थल पर कभी भी अंधेरा नहीं होना चाहिए। अखंड दीपक या पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करें। साथ ही, घर के बुजुर्गों का अनादर करने से गणपति रुष्ट हो जाते हैं।

गणेश जयंती 2026: सटीक पूजा विधि

बप्पा को प्रसन्न करने के लिए आज इन चरणों का पालन करें:

  • संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, लाल वस्त्र पहनें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • स्थापना: एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर गणपति की प्रतिमा स्थापित करें। धातु की प्रतिमा होने पर पंचामृत से अभिषेक करें।
  • सिंदूर और दूर्वा: गणेश जी को सिंदूर का तिलक लगाएं। उन्हें 21 दूर्वा की गांठें और लाल फूल अर्पित करें।
  • विशेष भोग: माघ मास की चतुर्थी होने के कारण आज तिल के लड्डू और मोदक का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना गया है।
  • मंत्र शक्ति: पूजा के दौरान ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का निरंतर जाप करते रहें। अंत में गणेश चालीसा और आरती के साथ पूजा संपन्न करें।

क्यों खास है इस बार की गणेश जयंती?

विवरणजानकारी
तिथि22 जनवरी 2026
शुभ योगसर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग
विशेष लाभमानसिक और आर्थिक तनाव से मुक्ति
विद्यार्थियों के लिएबुद्धि और एकाग्रता में वृद्धि
दान का महत्वतिल, गुड़ और लाल वस्त्र का दान करें

विद्यार्थियों के लिए विशेष उपाय

आज का दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष फलदायी है। यदि छात्र पढ़ाई में एकाग्रता की कमी महसूस कर रहे हैं, तो उन्हें आज गणेश जी को ‘शमी पत्र’ अर्पित करना चाहिए और ‘ॐ मेधासिंधवे नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे स्मरण शक्ति प्रखर होती है।

गणेश जयंती का यह पर्व हमें अनुशासन और संयम की सीख देता है। यदि हम नियमों का पालन करते हुए विघ्नहर्ता की शरण में जाते हैं, तो जीवन के सभी कष्टों का अंत निश्चित है। याद रखें, रात्रि में आकाश की ओर न देखें और अपनी भक्ति को सात्विक बनाए रखें।

By News Scoop Desk

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