न्यूज स्कूप : वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की चमक अब ‘कीमती’ से ‘ऐतिहासिक’ हो चुकी है। बुधवार और गुरुवार (21-22 जनवरी 2026) के कारोबारी सत्रों में कीमती धातुओं ने वो मुकाम हासिल किया है जिसकी कल्पना कुछ साल पहले नामुमकिन थी। 10 ग्राम सोना अब ₹1.5 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है, जबकि चांदी ने ₹3.25 लाख प्रति किलो का आंकड़ा छूकर सबको हैरान कर दिया है।
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, सोने का भाव ₹1,53,831 प्रति 10 ग्राम के नए ऑल टाइम हाई पर पहुँच गया है। वहीं, चांदी ने भी ₹3,26,487 प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छू लिया है।
निवेश के लिहाज से सोने और चांदी ने इस साल शेयर बाजार और बैंक एफडी (FD) जैसे पारंपरिक विकल्पों को बहुत पीछे छोड़ दिया है।
- 80% का मुनाफा: जिसने ठीक एक साल पहले सोना खरीदा था, उसे आज करीब 80 फीसदी तक का रिटर्न मिल चुका है।
- तुलना: जहां बैंकों में पैसा डबल होने में 7 से 8 साल लग जाते हैं, वहीं सोने-चांदी ने महज 12 महीनों में निवेशकों की संपत्ति में जबरदस्त इजाफा किया है।
कीमतों में इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:
- ग्रीनलैंड संकट और वैश्विक तनाव: अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते विवाद ने दुनिया भर के निवेशकों को डरा दिया है। जब भी युद्ध की आशंका बढ़ती है, लोग शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में निवेश करते हैं, जिसे ‘सेफ हेवन डिमांड’ कहा जाता है।
- कमजोर डॉलर और बॉन्ड मार्केट: अमेरिकी डॉलर का कमजोर पड़ना और जापान के सरकारी बॉन्ड्स में गिरावट ने सोने की खरीदारी को बढ़ावा दिया है।
- ट्रेड वॉर की आहट: अमेरिका और यूरोप के बीच संभावित टैक्स विवाद और ट्रेड वॉर की आशंका ने बड़े संस्थागत निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Gold) की ओर मोड़ा है।
चांदी की कीमतों में सोने से भी ज्यादा उछाल देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल निवेश नहीं, बल्कि मजबूरी भी है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और एआई (AI) सर्वर के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होने की वजह से चांदी के दाम ₹3.5 से ₹4 लाख प्रति किलो तक जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
| धातु | मौजूदा भाव (All Time High) | वार्षिक रिटर्न (अनुमानित) |
| सोना (24K/10g) | ₹1,53,831 | ~80% |
| चांदी (प्रति किलो) | ₹3,26,487 | ~95% |
बाजार विशेषज्ञों के बीच इस समय दो राय हैं। कुछ का मानना है कि तेजी अभी जारी रहेगी, वहीं कुछ ‘करेक्शन’ यानी गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं।
- शादी-ब्याह के लिए खरीदार: यदि आपको घर में शादी के लिए गहने लेने हैं, तो एक साथ खरीदारी न करें। कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए चरणबद्ध तरीके (Steps) में खरीदारी करना समझदारी होगी।
- नए निवेशक: मौजूदा भाव काफी ऊंचे हैं। एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय गिरावट (Dip) का इंतजार करें या गोल्ड ईटीएफ (ETF) के जरिए छोटा-छोटा निवेश शुरू करें।
सोने और चांदी की यह दौड़ वैश्विक राजनीति की दिशा पर टिकी है। जब तक ग्रीनलैंड और ट्रेड वॉर जैसे मुद्दे शांत नहीं होते, इनकी कीमतों में बड़ी राहत की उम्मीद कम ही है।
