न्यूज स्कूप : भारतीय सिनेमा के लिए एक मायूस कर देने वाली खबर सामने आई है। करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी और बेहद सराही गई फिल्म ‘होमबाउंड’ (Homebound) का ऑस्कर जीतने का सपना टूट गया है। ऑस्कर 2026 की आधिकारिक नॉमिनेशन लिस्ट की रेस से यह फिल्म बाहर हो गई है। यह फिल्म इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के शॉर्टलिस्ट (टॉप-15) में अपनी जगह बनाने में नाकाम रही।
फिल्म के ऑस्कर की रेस से बाहर होने के बाद निर्माता करण जौहर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया है। करण के इस पोस्ट ने फिल्म की पूरी टीम और फैंस का दिल जीत लिया है।
करण जौहर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर ‘होमबाउंड’ के कुछ चुनिंदा दृश्यों की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने फिल्म के निर्देशक नीरज घायवान की सराहना करते हुए लिखा:
“हमें आप पर गर्व है। आपके लिए बहुत सारा प्यार नीरज घायवान। हमें अपनी रोशनी में चमकने का मौका देने के लिए आपका शुक्रिया।”
करण के इस पोस्ट को नीरज घायवान ने री-पोस्ट किया और लिखा, “शुक्रिया करण जौहर। आप एक मजबूत स्तंभ (Pillar) की तरह मेरे साथ खड़े रहे। आपके सहयोग के बिना मैं यहां तक नहीं पहुंच पाता।” भले ही फिल्म ऑस्कर तक नहीं पहुँच पाई, लेकिन बॉलीवुड गलियारों में इस फिल्म की मेकिंग और ईमानदारी की जमकर तारीफ हो रही है।
‘होमबाउंड’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय समाज की जमीनी हकीकत को दर्शाने वाला एक दस्तावेज है।
- विषय: फिल्म की कहानी दो जिगरी दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका एकमात्र सपना पुलिस बल में शामिल होकर समाज की सेवा करना और अपनी स्थिति को बेहतर बनाना है।
- सामाजिक मुद्दे: फिल्म बहुत ही बारीकी से जातिगत भेदभाव और गरीबी के दंश को दिखाती है।
- लॉकडाउन का दर्द: कहानी का सबसे इमोशनल मोड़ तब आता है जब कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से उनके जीवन पर पहाड़ टूट पड़ता है। विपरीत परिस्थितियों के बीच संघर्ष करते हुए एक दोस्त की मौत हो जाती है, जो दर्शकों को झकझोर कर रख देता है।
| कलाकार | भूमिका |
| ईशान खट्टर | मुख्य भूमिका (पुलिस भर्ती का सपना देखने वाला युवक) |
| विशाल जेठवा | मुख्य भूमिका (ईशान का दोस्त) |
| जान्हवी कपूर | फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा |
| निर्देशक | नीरज घायवान |
| OTT प्लेटफॉर्म | नेटफ्लिक्स (Netflix) |
‘होमबाउंड’ से काफी उम्मीदें थीं क्योंकि नीरज घायवान इससे पहले ‘मसान’ जैसी वर्ल्ड क्लास फिल्म बना चुके हैं। हालांकि, इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में मुकाबला बेहद कड़ा था और यह फिल्म टॉप-15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट में शामिल नहीं हो सकी।
फिल्म समीक्षकों का मानना है कि भले ही फिल्म को ऑस्कर नॉमिनेशन नहीं मिला, लेकिन ईशान खट्टर और विशाल जेठवा के अभिनय ने साबित कर दिया है कि अच्छी कहानियों को किसी पुरस्कार की मोहताज नहीं होती। आप इस फिल्म को अभी भी नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।
