न्यूज स्कूप : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से रायपुर साहित्य उत्सव 2026 (Raipur Literature Festival) का भव्य शुभारंभ हो गया है। ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती के पर्व बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर शुरू हुए इस महोत्सव का उद्घाटन राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
रायपुर के ऐतिहासिक विनोद कुमार शुक्ल मंडप में आयोजित इस गरिमामय समारोह में साहित्य, संस्कृति और राजनीति जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। तीन दिवसीय इस उत्सव को छत्तीसगढ़ में ‘साहित्य का महाकुंभ’ माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों ने छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा और साहित्य पर आधारित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया:
- छत्तीसगढ़ @25: राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित विशेष पुस्तिका और कॉफी टेबल बुक।
- नेशनल सेल्फहुड इन साइंस: जे. नंदकुमार द्वारा लिखित पुस्तक।
- लाल दीवारें, सफेद झूठ: प्रो. अंशु जोशी की कृति।
- तेरा राज नहीं आएगा रे: राजीव रंजन प्रसाद द्वारा रचित पुस्तक।
उप सभापति हरिवंश ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को नमन करते हुए कहा कि एक लेखक और उसकी पुस्तक पूरी दुनिया को बदलने की शक्ति रखती है। उन्होंने कबीर का उल्लेख करते हुए बताया कि कवर्धा से उनका गहरा नाता रहा है। उन्होंने कहा कि साहित्य हमें निराशा से उबारकर जीवन जीने का साहस देता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप्स की सराहना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देशभर से आए 120 से अधिक साहित्यकारों का स्वागत करते हुए कहा कि यह उत्सव हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी को सहेजने का माध्यम है।
- इतिहास का स्मरण: मुख्यमंत्री ने माधवराव सप्रे की ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ और माखनलाल चतुर्वेदी की ‘पुष्प की अभिलाषा’ जैसी रचनाओं के महत्व को रेखांकित किया।
- सांस्कृतिक धरोहर: उन्होंने पंडित लोचन प्रसाद पांडेय और गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे पुरोधाओं की स्मृतियों को संजोने पर जोर दिया।
- अटल जी को याद किया: मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं को करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य अतिथि | हरिवंश (उप सभापति, राज्यसभा) |
| अध्यक्षता | विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़) |
| विशिष्ट अतिथि | मनोज जोशी (अभिनेता), डॉ. कुमुद शर्मा (कुलपति) |
| कुल साहित्यकार | 120 से अधिक |
| समर्पित मंडप | विनोद कुमार शुक्ल, लाला जगदलपुरी, अनिरुद्ध नीरव |
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे ‘साहित्य का महाकुंभ’ बताया, वहीं डॉ. कुमुद शर्मा ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में साहित्य की भूमिका पर विचार रखे। पहले दिन के विभिन्न सत्रों में समकालीन साहित्य, लोकतंत्र और समाज से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा हुई। विशेष रूप से युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और वैचारिक संवाद के प्रति जागरूक है।
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की वैचारिक और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगले दो दिनों तक यहाँ साहित्य के विभिन्न रंगों और संवादों का सिलसिला जारी रहेगा।
