न्यूज स्कूप : वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के कारण पिछले कई हफ्तों से रिकॉर्ड ऊंचाई छू रहे सोने और चांदी (Gold & Silver) की कीमतों में सोमवार, 26 जनवरी 2026 को मामूली राहत देखने को मिली है। बाजार में आई इस हल्की नरमी ने उन खरीदारों को थोड़ी राहत दी है जो शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं। हालांकि, कीमतें अब भी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख महानगरों में आज सोने के दाम में स्थिरता के साथ हल्की गिरावट दर्ज की गई। आइए जानते हैं देश के अलग-अलग शहरों में आज सोने और चांदी का क्या भाव चल रहा है।
दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,60,040 रुपये प्रति 10 ग्राम पर टिकी हुई है। वहीं, आभूषणों के लिए उपयोग होने वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,47,040 रुपये दर्ज किया गया।
| शहर | 24 कैरेट (शुद्ध सोना) | 22 कैरेट (जेवराती सोना) | 18 कैरेट सोना |
| दिल्ली / लखनऊ | ₹1,60,040 | ₹1,47,040 | ₹1,20,330 |
| मुंबई / कोलकाता | ₹1,60,250 | ₹1,46,890 | ₹1,20,180 |
| बेंगलुरु / हैदराबाद | ₹1,60,250 | ₹1,46,890 | ₹1,20,180 |
| चेन्नई | ₹1,59,480 | ₹1,47,490 | ₹1,22,990 |
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी आज थोड़ी फीकी रही। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 3,34,900 रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है। पिछले कुछ सत्रों के मुकाबले चांदी की कीमतों में आई यह कमी औद्योगिक मांग में आए बदलाव और वैश्विक संकेतों का परिणाम मानी जा रही है।
भारत में सोने और चांदी की कीमतें किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों के मेल से तय होती हैं:
- डॉलर-रुपया विनिमय दर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना डॉलर में बिकता है। जब डॉलर मजबूत होता है या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोना आयात करना महंगा हो जाता है, जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं।
- इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स: भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से मंगवाता है। ऐसे में सरकार द्वारा लगाई गई इंपोर्ट ड्यूटी (Import Duty) और GST का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है।
- सुरक्षित निवेश (Safe Haven): जब भी दुनिया में युद्ध, तनाव या आर्थिक मंदी जैसी स्थिति आती है, तो निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में लगाते हैं। मांग बढ़ने से कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाती हैं।
- सांस्कृतिक मांग: भारत में शादियों और त्योहारों के दौरान सोने की फिजिकल डिमांड बढ़ जाती है, जो स्थानीय स्तर पर कीमतों को सहारा देती है।
बाजार जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक कीमतों में बड़ा सुधार (गिरावट) आने की संभावना कम है। हालांकि, छोटी-मोटी गिरावट खरीदारी के अच्छे अवसर प्रदान करती है। निवेशकों को लंबी अवधि के लिए डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश करने की सलाह दी जाती है, जहाँ मेकिंग चार्ज और सुरक्षा की चिंता नहीं रहती।
सोने की कीमतों में आज की हल्की गिरावट एक सामान्य बाजार सुधार (Correction) है। अगर आप निवेश या खरीदारी की सोच रहे हैं, तो मौजूदा स्तरों पर कड़ी नजर रखना जरूरी है।
