न्यूज स्कूप : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सुरक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) भोपाल के अंदर एक महिला डॉक्टर के साथ दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया गया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस की चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल जैसी जगह, जहाँ सुरक्षा गार्डों और कैमरों की भारी तैनाती होती है, वहाँ लिफ्ट के अंदर इस तरह की लूट ने डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
वायरल हो रहे वीडियो में इस खौफनाक वारदात की एक-एक सेकंड की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है:
- वारदात की शुरुआत: महिला डॉक्टर अस्पताल की एक लिफ्ट में प्रवेश करती हैं। उनके पीछे ही एक नकाबपोश युवक भी लिफ्ट के अंदर दाखिल हो जाता है। युवक ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था ताकि उसकी पहचान न हो सके।
- झपट्टा और लूट: जैसे ही लिफ्ट नीचे की मंजिल पर पहुँचती है और दरवाजा खुलता है, महिला डॉक्टर बाहर निकलने लगती हैं। इसी पल का फायदा उठाकर आरोपी उनके गले पर झपट्टा मारता है और सोने की चेन छीन लेता है।
- डॉक्टर की हिम्मत: आरोपी डॉक्टर को जोर से धक्का देकर भागने की कोशिश करता है। धक्का लगने से डॉक्टर गिरते-गिरते बचती हैं, लेकिन वे हार नहीं मानतीं। खुद को संभालते हुए वे तुरंत शोर मचाते हुए लुटेरे के पीछे दौड़ लगा देती हैं।
यह घटना केवल एक लूटपाट का मामला नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक संस्थानों में सुरक्षा की भारी चूक को दर्शाती है।
- सुरक्षित माने जाने वाले स्थान: अस्पताल और घर जैसे स्थानों को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की घटना होना चिंताजनक है।
- बढ़ता अपराध ग्राफ: सोशल मीडिया पर यूजर्स दिल्ली से लेकर भोपाल तक बढ़ती लूटपाट की घटनाओं पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब डॉक्टर ही अस्पताल के भीतर सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा?
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने पहले से ही डॉक्टर की रेकी की होगी या वह अस्पताल की गतिविधियों से अच्छी तरह वाकिफ था।
- सावधानी की अपील: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लिफ्ट या सुनसान गलियारों में संदिग्ध व्यक्तियों से सतर्क रहें।
- अस्पताल प्रशासन: AIIMS प्रशासन ने भी सुरक्षा ऑडिट करने और निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाने की बात कही है।
भोपाल AIIMS की यह घटना एक वेक-अप कॉल है। तकनीक और कैमरों के बावजूद यदि अपराधी बेखौफ हैं, तो प्रशासन को अपनी रणनीतियों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। महिला डॉक्टर की हिम्मत काबिले तारीफ है, लेकिन ऐसी नौबत ही न आए, इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य हैं।
