द लोकतंत्र : भारतीय रसोई में मूंग दाल को ‘सुपरफूड’ का दर्जा दिया गया है। यह न केवल सुपाच्य (Lightweight) है, बल्कि पोषक तत्वों का भंडार भी है। खिचड़ी से लेकर हलवे तक, मूंग दाल हर रूप में पसंद की जाती है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स के प्रभाव के कारण अंकुरित मूंग (Moong Dal Sprouts) का चलन तेजी से बढ़ा है। वेट लॉस से लेकर डायबिटीज कंट्रोल करने तक, लोग इसे अपनी डाइट का अनिवार्य हिस्सा बना चुके हैं।
लेकिन सवाल उठता है कि क्या ‘अति’ हर जगह बुरी होती है? क्या बहुत ज्यादा फायदेमंद दिखने वाले इन स्प्राउट्स को हमें रोजाना खाना चाहिए? स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे लेकर कुछ जरूरी चेतावनियां और नियम बताए हैं।
प्रोटीन का पावरहाउस कही जाने वाली मूंग दाल मांसपेशियों और कोशिकाओं की मरम्मत के लिए बेहतरीन है। इसमें शामिल हैं:
- विटामिन्स: विटामिन B1, B2, B3 और B9 (फोलेट)।
- मिनरल्स: आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम।
- अन्य: भरपूर फाइबर, हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स।
सीनियर डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा के अनुसार, स्प्राउट्स को पोषण के मामले में 10 में से 10 अंक दिए जा सकते हैं, लेकिन इसे खाने से पहले अपनी मेडिकल कंडीशन को समझना जरूरी है।
जिन लोगों को यूरिक एसिड (Uric Acid) की समस्या है, उन्हें मूंग के स्प्राउट्स या किसी भी हाई प्रोटीन फूड को रोजाना खाने से बचना चाहिए। अत्यधिक प्रोटीन का सेवन जोड़ों और हड्डियों के दर्द को बढ़ा सकता है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर ही प्रोटीन की मात्रा तय करनी चाहिए।
अगर आपको कच्चा स्प्राउट्स खाने से एसिडिटी या पेट फूलने (Bloating) की समस्या होती है, तो इसे कच्चा न खाएं। एक्सपर्ट की सलाह है कि स्प्राउट्स को हल्का उबालकर (Steamed) खाना चाहिए। इससे इसमें मौजूद बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं और यह आसानी से पच जाता है।
डाइटिशियन गीतिका का कहना है कि प्रोटीन के लिए केवल मूंग दाल पर निर्भर न रहें। डाइट में पनीर, टोफू, सोयाबीन, बेसन और अगर नॉन-वेजिटेरियन हैं तो अंडे व चिकन को भी शामिल करें।
धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन पायल शर्मा बताती हैं कि स्प्राउट्स का अधिकतम लाभ उठाने के लिए समय और कॉम्बिनेशन का ध्यान रखना चाहिए:
- सुबह का समय सबसे बेस्ट: सुबह के वक्त शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इस समय स्प्राउट्स खाने से इसमें मौजूद प्रोटीन और मिनरल्स शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित (Absorb) हो पाते हैं।
- विटामिन-सी के साथ लें: प्रोटीन के बेहतर अवशोषण के लिए इसमें नींबू का रस जरूर निचोड़ें। विटामिन-सी प्रोटीन को सोखने में मदद करता है।
- मात्रा: रोजाना 100 ग्राम स्प्राउट्स खाना पर्याप्त है। इसे और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए इसमें खीरा, टमाटर और अन्य सब्जियां मिक्स करें।
| पहलू | जानकारी |
| सही मात्रा | 100 ग्राम प्रतिदिन |
| सर्वोत्तम समय | सुबह का नाश्ता (Breakfast) |
| किन्हें बचना चाहिए | यूरिक एसिड और गंभीर पाचन रोगी |
| बेस्ट कॉम्बिनेशन | स्प्राउट्स + नींबू + खीरा |
मूंग दाल के स्प्राउट्स निस्संदेह सेहत के लिए वरदान हैं, लेकिन इन्हें खाने का तरीका व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। यदि आप स्वस्थ हैं, तो इसे रोज खा सकते हैं, बस ध्यान रहे कि इसे अच्छी तरह धोकर और जरूरत पड़ने पर पकाकर ही खाएं।
